8th Pay Commission Delay: 22 जनवरी 2026 को जनवरी महीना लगभग बीत चुका है, लेकिन केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में अभी तक कोई संशोधन नहीं हुआ है। इसमें साफ संकेत मिलती है कि 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) निर्धारित तारीख में लागू नहीं होगा। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ICRA रिपोर्ट बताती है कि यह देरी ना सिर्फ कर्मचारियों को प्रभावित करेगी, बल्कि 2026-27 के बजट और आने वाले वर्षों की सरकारी वित्तीय स्थिति पर प्रभाव पड़ सकती है।
उम्मीद के मुकाबले वर्तमान की स्थिति
पिछले वेतन आयोग के अनुसार सातवें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 में खत्म हुई, इसलिए आठवीं वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होना चाहिए। लेकिन जनवरी 2026 लगभग बीत चुका है, इसको लेके कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुआ। ICRA (Investment Information and Credit Rating Agency) के रिपोर्ट के मुताबिक की आठवी वेतन लागू होने में 15 से लेकर 18 महीने तक लग सकती है। यह हनुमान आयोग की कार्यप्रणाली, डेटा संग्रह और विचार विमर्श के ऊपर आधार है।
पिछली वेतन आयोग से सीख
ICRA ने पिछली अनुभवों को देखकर स्थिति को और स्पष्ट किया है। सातवें वेतन आयोग में सिर्फ 6 महीने की एरियर थे, फिर भी एक साल में वेतन का खर्च 20% से ज्यादा बढ़ गया था। यह छोटी देरी का प्रभाव दिखाता है। लेकिन छठवें वेतन आयोग में देरी ज्यादा थी ढाई साल से अधिक का एरिया जमा हुआ, जिससे कई सालों तक बजट पर दबाव रहा। उदाहरण बताती है कि देरी जितनी लंबी होगी लागत उतनी ज्यादा बढ़ जाती है।
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए संदेश
करीब 47 लाख केंद्र कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनर्स के लिए सैलरी टली है, लेकिन पूरी तरा खत्म नहीं हुई। देरी से अनिश्चितता बढ़ी है, लेकिन लागू होने पर एरियर बड़ा मिल सकती है, जो एक बार में राहत देगा। फिलहाल, DA हर 6 महीने में AICPI के आधार पर बढ़ता है। कर्मचारी वित्त मंत्रालय या आयोग की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखें।
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