8th Pay Commission Update: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच आठवें वेतन आयोग को लेकर चर्चा का केंद्र अब फैमिली यूनिटी फॉर्मूला बन गया है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि सैलरी तय करने का आधार अब तीन सदस्य परिवार (कर्मचारी, जीवनसाथी और एक बच्चा) की बजाय पांच सदस्य परिवार (कर्मचारी, जीवनसाथी, दो बच्चे और माता-पिता) होना चाहिए। यदि यह बदलाव लागू होता है, तो न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फैक्टर और कुल सैलरी स्ट्रक्बर तीनों पर गहरा असर पड़ेगा।
यह मांग सिर्फ एक संख्या बदलने की नहीं है। यह बदलाव सातवें वेतन आयोग में तय फिटमेंट फेक्टर 2.57 को भी प्रभावित कर सकता है और आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को और बढ़ाने का आधार तैयार कर सकता है।
फैमिली यूनिटी फॉर्मूला क्या है और क्यों हो रहा है बदलाव की मांग?
सैलरी तय करने के समय एक मानक परिवार का खर्च आधार माना जाता है। सातवें वेतन आयोग में यह तीन सदस्य परिवार पर आधारित था। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में परिवार में अक्सर माता-पिता और दो बच्चे शामिल होते हैं।
इसलिए पांच सदस्य परिवार को आधार मानना ज्यादा यथार्थपूर्ण होगा। प्रत्येक फेमिली यूनिट का खर्च करीब 33% माना जाता है। तीन यूनिट से पांच यूनिट होने पर खर्च का आधार लगभग 66% तक बढ़ सकता है।
आठवें वेतन आयोग पर क्या असर पड़ सकता है?
- न्यूनतम वेतन में वृद्धिः आधार बड़ा होने से न्यूनतम वेतन का स्तर ऊंचा जा सकता है।
- फिटमेंट फैक्टर पर असरः 2.57 से ऊपर जा सकता है।
- कुल सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव: सभी भत्ते और ग्रेड पे प्रभावित होंगे।
- पेंशन पर प्रभावः पेंशनभोगियों को भी फायदा मिल सकता है।
अंतिम बात
आठवें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के बीच फेमिली यूनिटी फॉर्मूले की चर्चा सबसे बड़ी है। तीन सदस्य परिवार की जगह पांच सदस्य परिवार को आधार बनाने की मांग से न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फेक्टर और कुल सैलरी स्ट्रक्बर तीनों पर असर पड़ सकता है। कर्मचारी संगठन लगातार इस मांग को उठा रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस पर कितना अमल करती है।
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