- शालीमार बाग से मिला 3.5 करोड़ का बंद हुआ करेंसी।
- आरोपी ने बताए कुछ मजबूरिया थी इसलिए ओ इस काम को किए।
नमस्कार साथियों: नोट बंद हुए लगभग 9 साल हो गया है उसके बाद भी बंद हो चुकी पुरानी करंसी कैसे बाहर आ रही है। यह बड़ा सवाल है। I हालांकि यह नोट अब रद्दी के सिवाय कुछ भी नहीं है। ना तो इन्हें कोई बैंक लगा नहीं आरबीआई। माना जा रहा है की करेंसी बदले ने के नाम पर धोखा घड़ी का रिकॉर्ड चल रहा है। तो इसमें हम इसके ताजा खबर के ऊपर बात किए हे।
ताजा खबर
शालीमार बाग इलाके में पकड़े गए 3.5 करोड़ के प्रतिबंध नोट ने पुलिस को चौंका दिया। इन पुराने नोटों को कमीशन पर बदले ने के खेल में फंसे चोरों युवकों ने पूछताछ मैं बताया कि वह लालच में नहीं बल्कि कड़ी आर्थिक मजबूरियों के चलते इस गैर कानूनी नेटवर्क का हिस्सा बने थे। पूछताछ के दौरान आरोपी हर्ष ने बताया है कि वह लक्ष्य का चचेरा भाई है और जल्दी पैसा कमाने के लिए इस मामले में शामिल हुआ।
आरोपी जयकिशन ठाकुर पता है कि वह जिम ट्रेनर हे उसने करीब 18 महीने पहले अपनी नौकरी छोड़ दी और बेरोजगार था। खराब आर्थिक स्थिति की वजह से उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई और अपने 17 और 19 साल के दो लड़कों को भी उसी के पास छोड़ गई। इसे अपने बच्चों का पालन पोषण और उनकी पढ़ाई का खर्च उठाना था और उसके लिए उसने अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए जल्दी पैसा कमाने के लिए इसमें शामिल हो गया।
आरोपी लक्ष्य ने बताया कि वह हर्ष का चचेरा भाई है उसने हाल ही में सगाई की है और फरवरी 2026 में उसकी शादी होने वाली थी उसने अपने मंगेतर के बैंक खाते से शादी के खर्च के लिए लोन लिया था उसे चुकाने का दबाव था। बो टेकचंद के संपर्क में आया और दोनों ने मिलकर इस मामले में शामिल होने की योजना बनाई।
अरबी विपिन कुमार ने बताया कि साल 2021 से आशीष और तरुण नाम के दो लोगों के संपर्क में आया और इसके साथ ही वह मनी ट्रांसफर करने का बिजनेस भी करते थे करीब दो-तीन महीने पहले आशीष और तरुण ने उन्हें बताया है कि उनके पास करोड़ों रुपए के पुराने नोट करेंसी है और अगर वह उन्हें नए कारण से नोट में बदले में मदद करेंगे तो उन्हें इसके लिए अच्छी रकम मिलेगी।
इस पर विपिन ने टेक चंदन से संपर्क किया और इसी के साथ यह सब षड्यंत्र रचा। गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और इसी के साथ ही जांच टीम गठित कर दी गई है। लगातार अब छाप पर मेरी की जा रही है अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद ही पता चल सकेगा की आखिरी या नोट कहां से आए और किस किसके है किस तरह से धोखा घड़ी की जांच की जा रही है।
भाई बैंकों ने साफ तोर पर कह दिया है कि आप पुराने नोट की कोई मानता नहीं है। तो यह था आज का ताजा खबर नमस्कार साथियों।
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