DDA Flats Scheme: नमस्कार साथियों, दिल्ली बिकास प्राधिकरण (DDA) का फ्लैट्स के ऊपर बड़ा खबर आ रहा है, डीडीए ने हजारों फ्लैट्स बनाए थे लोगों रहने केलिए लेकिन ओ अब एक गेस्ट हाउस बन गया है। इसका कारण फ्लैट्स का बिक्री न होना। इसका क्या रीजन पहले लोग इसको लेने केलिए सालों तक इंतजार कर रहे थे, लेकिन अब क्या हुआ डीडीए ने तो इस फ्लैट्स का दर भी काम कर दिए है। क्या इसका कारण है सारे बात ताजा खबर के साथ इस पोस्ट में बताए हैं।
फ्लैट्स का बिक्री ना होने का कारण
फ्लैट्स न बिक्री का मुख्य कारण है सुरक्षा, कनेक्टिविटी, स्कूल, हॉस्पिटल, मेट्रो का कनेक्टिविटी और लोक जहां से नौकरी करते है उस इलाको से दूर। इस प्रॉब्लम तो नरेला की है, लेकिन बतादे इसके जैसे हाल सब इलाकों में है। लिस्ट की बात करे तो नरेला, कड़कडूमा, लोकनायक, सिरशपुर, द्वारका, नसीरपुर, आजादपुर, जसौला, रोहिणी और अशोक पहाड़ी जैसे इलाकों का हजार से ज्यादा फ्लैट्स नहीं बिका है।
डीडीए फ्लैट्स का खर्चा कितना था।
डीडीए की रिपोर्ट्स के अनुसार इस फ्लैट्स को बनाने 17,000 करोड़ से ज्यादा खर्च हुआ थे। 31 दिसंबर मार्च तक डीडीए को करीब 16,988 करोड़ दिया गया था।
डीडीए की नया योजना
इस डीडीए फ्लैट्स में भारी छूट के साथ नई नई योजना भी शामिल हुआ है। डीडीए ने दो योजना लागू की है, टावरिंग हाइट्स योजना ओर कर्मयोगी आवास योजना। इस दो योजना से डीडीए का उम्मीद है कि इस स्थिति बाद सकती हैं।
डीडीए का कितनी फ्लैट्स बिका है
डीडीए फ्लैट्स की बिक्री का बात करे तो, 2022 से 2025 के बीच में इस नया योजना लाने हे बाद 20,247 फ्लैट्स बिक्री हुआ है। इस बिक्री पिछली साल के मामले में 214% है, 2019 से 2022 तक 6423 फ्लैट्स बिका था (जब योजना नहीं था)।
फ्लैट्स कितना खाली हैं
लोकसभा में पूछा गए सवाल में, केंद्र सरकार जवाब दिए दिल्ली के अनेक इलाकों में डीडीए का कुल 34,052 से अधिक फ्लैट्स ना बीके के कारण खाली हैं। सबसे बड़ा हिस्सा तो नरेला है, यहां डीडीए ने कुल 62,801 फ्लैट्स बनाए थे इसमें करीब 31,487 फ्लैट्स ऐसा है जो अभी तक नहीं बिका हैं।
- नरेला: 31487
- कड़कड़डूमा: 1524
- लोकनायक: 222
- सिरसपुर: 847
- द्वारिका: 70
- नसिरपुर: 44
- आजादपुर: 66
- जसौला: 16
- रोहिणी: 112
- अशोकपहाड़ी: 23
आगे क्या होगी
डीडीए ने जब तक सुरक्षा, कनेक्टिविटी, स्कूल, हॉस्पिटल, मेट्रो का कनेक्टिविटी का कोई रास्ता नहीं निकल लेगी और लोगों की जरूरत को पूरी नहीं करेगा तब तक फ्लैट्स बिकना न मुमकिन है। फ्लैट्स के ऊपर ओर कोई जानकारी चाहिए तो आधिकारिक वेबसाइट जा सकते हो।
(न्यूज रिपोर्ट: दैनिक जागरण)
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