सऊदी अरब और यूएई दो बड़े मुस्लिम देश में जंग, पाकिस्तान की घबराहट क्यों?

Published On: January 6, 2026

सऊदी अरब और यूएई: पश्चिम एशिया एक बार फिर बड़ा जंग के कदरपर खड़ा है। ऐसे दो देश आमने सामने खड़े है जो कभी बहुत करीब दोस्त थे सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात। लेकिन अब दोस्ती नहीं इसका तस्वीर नया रूप ले चुका है। यह टकराव केबल कूटनीतिक नहीं बल्कि छाया युद्ध, गुप्त गठबंधन और अल्टीमेटम की राजनीति तक पहुंच चुका है। इस घटना के बीच तुर्की का आगमन, पाकिस्तान और मिस्र की सुविधा, इजराइल की नजर का पूरी समीकरण को ओर ज्यादा खतरनाक बना दिया है। तो क्या बड़ा खबर और इसका शुरू आत कहसे हुआ इस पोस्ट में बताया गया है।

जंग की शुरुआत जानकारी

सूत्रों ओर खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आदिल राजा का दाबा है कि, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिना बताए यूएई के खिलाफ एक संरचित अभियान चला रहे हैं। ये जंग सिर्फ बातचीत तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि ये जंग अब जमीन पर दिखने को मिल रहा है। सबसे बड़ा संकेत यह है कि गाजा में सीधे मदद भेजने जिसका श्रेय यूएई को मिल रहा था। लेकिन अचानक सऊदी का इस कदम साफ दौर पर जानकारी दे रहा है कि अब आबू धाबी को इस लाइन से साइड करना चाहता है।

तुर्की और कतर के साथ सऊदी अरब मिलकर एक बड़ा रणनीतिक साझेदारी खड़ा किए है। इस साझेदारी का एक ही मकसद है यूएई का साथ रहने वाला सरकार विरोधी दल को कमजोर करना। अगर बात करें लीबिया, सूडान, सोमालिया या फिर हॉर्न ऑफ अफ्रीका हर जगह में सऊदी और यूएई एक दूसरे की विपरीत खड़े हुए नजर आ रहे हैं। लेकिन इनसे भी मुश्किल स्थित में खड़े है पाकिस्तान और मिस्र।

पाकिस्तान और मिस्र का स्थित

इस दोनों देश किसी एक के साथ जाने में अब डर लग रहा है और इस बात सऊदी अरब बहुत खराब लग रही है। आदिल राजा की दबा है कि पाकिस्तानी सेना की मुख्य असीम मुनि अब बहुत ज्यादा दबाव में है और उनको कुछ समझ में नहीं आ रहा है। लेकिन सऊद अरब को ये संदेह है कि अगर यूएई के करीब कोई है तो ये पाकिस्तान और मिस्र हो सकती हैं। इस बजह से असीम मुनीर की मुलाकात सऊदी प्रिंस से नहीं हो पा रहा है। इसके साथ परिस्तान की होने वाले बड़े आर्थिक डील को भी रोका दिया है।

आगे क्या होगा

सबसे बड़ा सवाल आगे क्या होगा, क्या सऊदी और यूएई की इस जंग खुली जंग में बदलेगा या इस लड़ाई प्रॉक्सी वॉर (Proxy War) और आर्थिक दबाव तक सीमित रहेगा और क्या पाकिस्तान और मिस्र कोई एक के साथ चुनने में मजबूर होगे। अगर इस जंग हुआ इसका असर क्या पूरी मुस्लिम बोर्ड पर पड़ेगा। इस पूरी मामले में आपका क्या राय है जरूर कमेंट करें।

रिपोर्ट सोर्स दैनिक जागरण

Ashutosh Behera

I am Ashutosh, graduate complete in electrical engineering. i am staying in Jagatsinghpur, Odisha, belong in village, this is my website.

Leave a Comment