Donald Trump Tariff: अमेरिका की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अलग फैसला के बजसे अब पूरी दुनिया में बड़ी दिक्कत हो रही है। अब उन्हीं का फैसला का असर उनके देश पर होने का संभावना है, खाश कर टेरिफ के ऊपर ट्रंप दिन ब दिन दादागिरी देख रहे है। इसको अच्छे से कोट में जांच किया जा रहा है क्योंकि अमेरिका अब चुनौतियां से गूंज रहा है। शुक्रवार के दिन डोनाल्ड ट्रंप के लिए बेहत अहम फैसला का दिन रहने वाला है। इस फैसला।केबल अमेरिका के नहीं बल्कि वैश्विक अर्थ बेबस्ता की नियम पर भी टीका है।
पूरी मामला क्या है?
दरहसल 9 जनबरी 2026 अमेरिकी सुप्रीम कोर्ड का एक फैसला आने वाला है। इस मामला डोनाल्ड ट्रंप लगाई गई टैरिफ के ऊपर कोर्ट सुनबाई करने वाला है कि ट्रंप प्रशासन ने IEEPA जो टैरिफ लगाए क्या ओ कानूनी रूप से सही थे या नहीं। ट्रंप की फैसले अगर सही नहीं है तो अमेरिका सरकार कंपनियों और आयातकों को टैरिफ के नाम से लिया हुआ पैसा देना होगा। यानी अरबों डॉलर का रिफाइन देना पड़ सकती है।
अनुमान लगाया जा रहा है कि इस रकम 100 से 150 अरबों डॉलर यानी 8 से 12 लाख करोड़ रुपए तक हो सकती है। अगर ऐसा हुआ तो इसका सीधा अगर अमेरिका के खजाने पर पड़ सकती है। लेकिन कोर्ट ये कहे देता है कि ट्रैप अपने आप टैरिफ नहीं लगा सकते जिससे अमेरिका की कोई भी राष्ट्रपति बिना अमेरिका कांग्रेश की अनुमति मंजूरी लिए ऐसा फैसला नहीं ले पाएंगे।
इससे आगे क्या
अगर ऐसा हुआ तो ट्रंप की अमेरिका फर्स्ट की टैरिफ नियम को कानूनी झटका लगेगा और फिर अमेरिका को नया टैरिफ नियम बनाना पड़ेगा। चीन, भारत और यूरोप जैसे देश के साथ ही साथ व्यापार वार्ता बदलेगा। व्यापार रणनीति कमजोर पड़ेगी इसके साथ ट्रैप की ताकत कम होगा। अगर कोर्ट ट्रंप प्रशासन की खिलाफ जाता है तो सरकारी अमेरिकी सीनेट से नया कानून पास करना ने में कोशिश कर सकती है। रिफंड को किस्त में देने या कानूनी तकनीक से टालने का कोशिश कर सकता है। न्यूज सोर्स दैनिक जागरण