India First Hydrogen Train: भारतीय रेलवे के ऊपर बड़ा खबर आ रहा है। सिर्फ 5 रूपए में ना धुआं ना शोर ना डीजल की दुर्गंध और रप्तार ऐसी की आपको समय का पता नहीं चलेगा, में बात कर रहा हु हमारा भारत का हाइड्रोजन ट्रेन के बारेमें जिसका डिजाइन कंप्लीट हो चुका है। इस ट्रेन बंदे भारत जैसा तेज, शताब्दी जैसी आरामदायक होगी, लेकिन किराया इतना काम होगा कि हर आदमी इसे अपना समझेगा।
हाइड्रोजन ट्रेन जानकारी
कभी भारत रेलवे को लेकर दुनिया से पीछे माना जाता था, आज यही भारत दुनिया को नया दिशा दिखाने की तैयारी में है। पहली हाइड्रोजन ट्रेन, अब तक भारत रेलवे 2 इंजन पर निभर रहा है डीजल और इलेक्ट्रिक। डीजल ट्रेन पॉल्यूशन करता है जबकि इलेक्ट्रिक ट्रेन के लिए बड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर और बिजली की जरूरत होता है। लेकिन हाइड्रोजन ट्रेन इन दोनों समस्या का समाधान करता है।
हाइड्रोजन इंजन कैसे काम करता है ?
इस हाइड्रोजन ट्रेन के लिए पानी ने हाइड्रोजन गैस बनाया जाता है। हाइड्रोजन और ऑक्सीजन बीच होने वाली एक विशेष इलेक्ट्रो प्रकिया से ऊर्जा उत्पन्न होता है जिससे ट्रेन चलता है। इस पूरी प्रक्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड या किसीभी ताराकी हानिकारक उत्सर्जन नहीं होता और यही बजह है कि इसे जीरो पॉल्यूशन और जीरो नॉइज बलि ट्रेन भी कहा जा रहा है।
किस स्टेट से चलेगा?
यह ट्रेन हरियाणा के जिंद और सोनीपत के बीच में चलने वाला है। करीब 90 किलोमीटर का यह सफर ना सिर्फ तेज होगा बल्कि पूरी साफ सुथरा भी होगा। ट्रेन दिन में दो फेरा लगाएगा और कुल मिलाकर 356 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत का कमाल…
— BJP (@BJP4India) January 10, 2026
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन पटरी पर दौड़ने को तैयार! 🇮🇳🚆
'जीरो आवाज, जीरो पॉल्यूशन' वाली ये ट्रेन सबसे पहले हरियाणा के सोनीपत-जींद रूट पर चलेगी। इसकी स्पीड 110-140 किमी के बीच होगी।
यह सिर्फ ट्रेन नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा है और… pic.twitter.com/jEhb1dZQ1R
किराया कितना लगेगा
सबसे बड़ा सवाल की कितना पैसा लगेगा इस हाइड्रोजन ट्रेन में सफर करने का, बताया जा रहा है कि न्यूनतम किराया इसकी सिर्फ ₹5 रुपए होगा और अधिकतम ₹25 रुपए तक हो सकता है। अगर आप रोज कॉलेज या ऑफिस जाते हो तो आपका कितना पैसा सेविंग होगा। लेकिन रेलवे किराया को लेकर कुछ ऑफिशल घोषणा नहीं की है।
कितना रप्तार पर चलेगा
यह हाइड्रोजन ट्रेन 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रप्तार पर चलेगा और इसका डिजाइन स्पीड 150 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है। यानी रप्तार में इस ट्रेन बंदे भारत ट्रेन से काम नहीं होगी। एक बार में करीब 2600 यात्री सफर कर पाएंगे।