Donald Trump Tariff: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टेरिफ नियम बढ़ने से भारत में इसका असर साफ नजर आ रही है और इससे किसानों को भी झटका लगने वाली है। सबसे अधिक मखाना का उत्पाद करने वाले पूर्णिया, सीमांचल और मिथिलांचल के कारोबार पर इसका बड़ा असर पड़ने वाली है। इस क्षेत्र में करीब 90% मखाना का उत्पादन होता है। आने वाले टेरिफ का असर महाना की कीमत पर पड़ना तय मन जा रहा है। अगर ऐसा हुआ तो अमेरिका में मखाने का कीमत बढ़ जाएगी जिससे व्यापारियों की नुकसान होने का आशंका जताई जा रही है।
कितना नुकसान होगा
अमेरिका की टेरिफ से बिहार के मखाना पर बुरा असर पड़ने बाला है। जिससे अमेरिका में मखाने की कीमत और बढ़ जाएगी। टेरिफ बढ़ने से मखाना की अमेरिका में मांग 40 से 60% कम हो सकती है। इसका सीधा असर स्थानीय बाजार पर पड़ेगा और व्यापारियों को नया बाजार ढूंढना पड़ेगा। पहले अमेरिका द्वारा मखाने पर मात्र 3.5% टेरिफ लगा था। लेकिन अब इसको बढ़ा कर 30% करने का तैयारी चल रहा है। जिससे साफ नजर आ रहा है कि मखाना के उत्पादकों को झटका लग सकता है।
क्या क्या टेरिफ से प्रभावित होगा
टेरिफ से अमेरिका बाजार में मखाने की कीमत काफी बढ़ जाएगी जिससे अमेरिका में मखाने ख़रीदने बोले लोग के लिए इसकी कीमत बढ़ जाएगी और इसकी मांग घटने का आशंका भी बहुत बढ़ गया है। ना सिर्फ मखाना बल्कि बिहार से उत्पादन होने बलि जड़ आलू, मालदा आम, लीची, हल्दी, मधुबनी पेंटिंग, भागलपुरी सिल्क, हस्तशिल्प आदि टेरिफ की बजह से सभी उत्पादों का कीमत बढ़ जाएगा और उनका मांग घटेगी। जो भारत के लिए एक झटका साबित हो सकता है।
आगे क्या
मखाना का उत्पाद पूर्णिया, सीमांचल और मिथिलांचल में होता है, लेकिन पूर्णिया में मखाना का उत्पादन 10,000 हैक्टेयर हो रहा है और इसके साथ मखाना की व्यापार का केंद्र भी पूर्णिया को माना जा रहा है। यह करीब 100 से अधिक मखाना फैक्ट्री काम कर रही है और मखाना के कीमत भी यहां से तय की जाती है। इस जगह से मखाना का बड़े पैमाने पर मखाना का निर्यात अमेरिका यूरोप के समेत कई देशों में होता है। लेकिन टेरिफ बढ़ने से निर्यात प्रभावित होगा जिससे किसानों को साफ तौर पर झटका लग सकता है। तो अब देखना होगा कि सरकार इससे बचने के लिए क्या कदम उठाएगी।