PM Gramin Awas Yojana: प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) के दूसरे चरण में रायबरेली जिले में सर्वेक्षण के दौरान सामने आई संदिग्ध डाटा की गहन जांच शुरू की गई है। ग्रामीण विकास विभाग ने कुल 36,118 संदिग्ध एंट्री की सत्यापन के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर विशेष टीम गठित है। इन टीमों में कुल 72 अधिकारी शामिल किए गए हैं।
संदिग्ध देता की संख्या
ग्रामीण विकास मंडल (DRDA) की ओर से PMAY-G के दूसरे चरण के तहत जिले में कुल 97,872 परिवार का सर्वे कराया गया था। यह सर्वे उन परिवार की पहचान के लिए किया गया, जो पक्के मकान बनाने के लिए योग्य है और जिन्हें योजना के तहत सहायता मिलनी चाहिए।
जांच टीम का गठन और संरचना
जांच प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए दो स्तर पर टीम बनाई गई है, जिला स्तरीय टीम और ब्लॉक स्तरीय टीम। प्रतीक जिला स्तरीय टीम में विभिन्न विभाग के अधिकारी शामिल है और प्रत्येक ब्लॉक में दो जिला स्तरीय और दो ब्लॉक स्तरीय अधिकारी तैनात किए गए हैं, कुल 72 अधिकारी इस जांच में लगाया गया है। टीम संदिग्ध सर्वे की जांच कर रही है, जांच में शामिल है:
- लाभार्थी से व्यक्तिगत सत्यापन
- आधार, राशन कार्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच
- स्थानीय स्तर पर घर-घर जाकर सत्यापन
- जमीन के रिकॉर्ड और आवास स्थिति की पुष्टि
जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट प्रोजेक्ट डायरेक्टर DRDA को भेजी जाएगी। PD DRDA अनुमति के बाद यह रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जाएगी।
रायबरेली DM का बयान
रायबरेली के जिलाधिकारी ने कहा है कि 36,118 संदिग्ध सर्वे की जांच के लिए जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को लगाया गया है। नोन अस पर्सनल डार दिए हैं कि हर एक संदिग्ध एंट्री की अच्छे से जांच हो और जल्दी से जल्दी रिपोर्ट्स तैयारी की जाए। DM ने यह भी कहा कि जांच में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन मामलों में गड़बड़ी साबित होगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए संदेश
यदि आप PMAY-G के लाभुक है और आपकी किस्त अटकी हुई है, तो अपने ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय से संपर्क करें। जांच पूरा होने के बाद सही पाए जाने वाले लाभार्थियों को राशि जल्दी जारी की जाएगी।
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