डिजिटल फूड कूपन: केंद्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्य योजना के तहत मिलने वाले मुक्त अनाज की वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल करने की तैयारी में है। जल्दी ही देश में डिजिटल फूड कूपन सिस्टम शुरू होने वाला है, जिससे लाभार्थी को ये फायदा होगा कि ना तो कागजी राशन कार्ड साथ रखना पड़ेगा और ना ही दुकान पर हर बार अंगूठा लगाने की जरूरत होगी। यह व्यवस्था भारत के रिजर्व बैंक के डिजिटल रूपी (CBDC) पर आधारित होगी।
पुरानी व्यवस्था की सम्मास्य और नया समाधान
अब जो राशन वितरण की प्रणाली चल रही है इसमें कोई दिक्कत की सामना करनी पड़ती है जैसे, अंगूठा नहीं मिलने पर राशन न मिलना, मशीन खराब होने पर इंतजार, गलत प्रविष्टि या फर्जी लाभार्थी द्वारा अनाज ले जाना, लंबी लाइन में लगना और दुकानदार द्वारा धोखाधड़ी की आशंका होती है। लेकिन डिजिटल फूड कूपन इन सभी संस्थाओं को लगभग ख़त्म कर देगा। लाभार्थी का मोबाइल फोन ही उसका राशन कार्ड बनेगा और हर महीने की राशन की कूपन क्रेडिट हो जाएगी।
डिजिटल फूड कूपन कैसे काम करेगा?
- लाभार्थी के मोबाइल में विशेष डिजिटल वॉलेट होगा।
- हर महीने स्वचालित रूप से कूपन क्रेडिट हो जाएंगे (जैसे 5 किलो चावल, 5 किलो गेहूं आदि)।
- लाभार्थी उचित मूल्य की दुकान पर जाएगा।
- दुकानदार के पास लगा QR कोड मोबाइल से स्कैन करेगा।
- स्कैन होते ही कूपन कट जाएंगे और राशन मिल जाएगा।
- पूरा लेन-देन डिजिटल रूप से रिकॉर्ड हो जाएगा।
पायलट प्रोजेक्ट कहां कहां शुरू होगा?
सरकार यह व्यवस्था को पहले चंडीगढ़, पांडिचेरी और गुजरात की तीन जिले आनंद, साबरमती, दाहोद पर छोटे स्तर पर लागू करेंगे, जिससे ये पता लग सके कि इससे क्या दिक्कत की सामना करनी पड़ती है। इसके बाद पूरी जिलों के अंदर याद नया सिस्टम लागू की जाएगी।
डिजिटल रूपी (CBDC) का पहला बड़ा उपयोग
भारतीय रिजर्व बैंक ने डिजिटल रूपी (e-Rupee) की शुरुआत कुछ साल पहले की थी। अब पहली बार इसे बड़े पैमाने पर राशन वितरण प्रणाली में इस्तमाल किया जाएगा। डिजिटल फूड कूपन इसी CBDC पर आधारित होगा। इससे यह फायदा होगा कि लेन देन पूरी तरह ट्रैकेबल होगा, धोखाधड़ी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी, लाभार्थी के बैंक खाते में पैसा जाने की जरूरत नहीं होगी।
1 thought on “डिजिटल फूड कूपन से बदल जाएगी राशन व्यवस्था: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में अब मोबाइल ही बनेगा राशन कार्ड”