देश के करोड़ों किसान इन दोनों पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। किस्त किसी भी समय ट्रांसफर हो सकती है, लेकिन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक ऐसा बयान दिया है जो किसानों के लिए भविष्य की दिशा तय करने वाला है।
कृषि मंत्री का मुख्य संदेश
शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में कहा “हमारा लक्ष्य सरल है, हम फूलों, फलों और सब्जियों का आयात नहीं करेंगे। हमें इन क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनना होगा।”। मंत्री ने आगे कहा कि भारत पहले ही इन क्षेत्रों में प्रगति कर चुका है, लेकिन अब इसे ऐतिहासिक स्तर पर ले जाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उन फसलों और फलों की पहचान करें जिनका घरेलू उत्पादन बढ़ाना आवश्यक है।
आत्मनिर्भरता का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उच्च मांग वाली फसलों का घरेलू उत्पादन न केबल आयात पर निर्भरता खत्म करेगा, बल्कि किसानों के लिए भी लाभकारी होगा। इससे, विदेशी मुद्रा की बचत होगी, किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा, स्थानीय बाजार में ताजा उत्पाद उपलब्ध होंगे, ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त का इंतजार
बयान के समय हजारों किसान पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। पिछले पैटर्न के अनुसार किस्तें आमतौर पर महीने के पहले या दूसरे सप्ताह में ट्रांसफर होती रही हैं। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषणा नहीं की गई है।
आत्मनिर्भर भारत में बागबानी की भूमिका
भारत पहले से ही कई फलों और सब्जियों में दुनिया के अंग्रेजी उत्पादकों में शामिल है। लेकिन एबोकाडो, ड्रैगन फूड, कुछ विशेष बेरीज और उच्च मूल्य वाली फूलों की किस्मों में अभी भी आयात पर निर्भरता है। मंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि इन फसलों को भी घरेलू स्तर पर उत्पादित किया जाए। इसके लिए,उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों का चयन, उन्नत तकनीक और प्रशिक्षण, किसानों को बाजार से जोड़ना और निर्यात की बजाय पहले घरेलू मांग पूरी करना होगा।