Cheque Bounce होने पर जेल और जुर्माना? जानिए कानून और इससे बचाब की तरीके

Published On: February 16, 2026

Cheque Bounce: हाली ही में अभिनेता राजपाल यादव का चेक बाउंस की समाचार आया था। एक छोटी सी राशि के चेक के कारण उन्हें जेल जाना पड़ा। अधिकतर लोग चेक बाउंस या NACH मैंडेट फेलियर को सिर्फ एक एडमिनिस्ट्रेटिव गड़बड़ी या छोटी मोटी तकनीक समस्या मान लेते है। लेकिन जानकारी का कहना है कि एक बार का चेक बाउंस या NACH मैंडेट फेलियर भी नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 तहत क्रिमिनल ऑफेंस (Offence) बन सकता है। यदि कानूनी नोटिस गया हो और चेक जारी करने वाले ने नोटिस मिलने के 15 दिनों के अंदर भुगतान नहीं किया। इसके लिए 2 साल की कैद, चेक की राशि का दोगुना जुर्माना होगा।

बैंक द्वारा लगने वाले डिसऑनर चार्ज

जब कोई चेक बाउंस होता है या NACH/ECS/SI मेंडेट फेल हो जाता है, तो बैंक तुरंत डिसऑनर चार्ज लगा देता है। सामान्य चार्ज ₹300 से ₹750 और यदि महीने में 3 मैंडेट फेल हो जाती है तो ₹900 से ₹2,250 रुपए तक का नुकसान हो सकती है। कई बार एक ही दिन में कोई मैंडेट फेल होने पर अलग-अलग चार्ज लगते हैं।

लेंडर द्वारा लगने वाली अतिरिक्त फीस

यदि चेक या मैंडेट लोन EMI, किराया, क्रेडिट कार्ड बिल या किसी अन्य दायित्व के लिए था, तो प्राप्तकर्ता ( बैंक, NBFC, मकान मालिक, क्रेडिट कार्ड कंपनी) भी अतिरिक्त फीस लगा सकता है।

बाउंस चार्ज: ₹300 से ₹1,000
लेट पेमेंट फीस: ₹500 से ₹1,500
अतिरिक्त ब्याजः लेट पेमेंट पर 2-4% प्रति माह
लीगल नोटिस फीस: ₹500 से ₹2,000 (कानूनी नोटिस भेजने पर)

सेक्शन 138 के तहत क्रिमिनल ऑफेंस कब बनता है?

नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत चेक बाउंस को क्रिमिनल ऑफेंस माना जाता है, यदि

  1. चेक किसी दायित्व (ऋण, EMI, किराया आदि) के भुगतान के लिए दिया गया हो।
  2. चेक बैंक में पेश किया गया और कम फंड या अन्य कारण से बाउंस हुआ।
  3. प्राप्तकर्ता ने चेक बाउंस होने के 30 दिनों के अंदर कानूनी नोटिस भेजा।
  4. नोटिस मिलने के 15 दिनों के अंदर भुगतान नहीं किया गया तो क्रिमिनल केस बन जाती है।

चेक बाउंस से बचने का तरीका

देखो हमेशा अकाउंट में पर्यन्त बैलेंस रखें, खासकर EMI या SIP की तारीख से 2 से 3 दिन पहले। बैंक से मैंडेट रजिस्टर करते समय सही तारीख और राशि चेक करें। पुराना चेक इस्तमाल ना करें क्योंकि वैलिड 3 महीने होती है। NACH मैंडेट फेल होने पर तुरंत बैंक को सूचित करें। यदि लोन या क्रेडिट कार्ड EMI मिस हो जाती है तो तुरंत लेंडर के बात करें।

लीगल नोटिस मिलने पर क्या करें?

यदि आपको धारा 138 के तहत लीगल नोटिस मिलता है तो, नोटिस मिलने के 15 दिन के अंदर पूरा भुगतान कर दें और भुगतान की प्रूफ रखें। यदि आप भुगतान नहीं करोगे तो 15 दिन बीतने के बाद मामला क्रिमिनल कोर्ट में चला जाता है।

अंतिम बात

चेक बाउंस या मैंडेट फेलियर को छोटी बात समझने की गलती न करें। बैंक चार्ज से दुरू होकर लीगल केस और जेल तक की नौबत आ सकती है। अकाउंट में बेलेंस रखें, मैडेट सही रजिस्टर करवाएं और समय पर भुगतान करें। यदि कोई समस्या आए तो तुरंत बैंक या लेंडर से संपर्क करें।

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Ashutosh Behera

I am Ashutosh, graduate complete in electrical engineering. i am staying in Jagatsinghpur, Odisha, belong in village, this is my website.

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