CGHS New Rates: केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना के तहत इजाफा कराने वाले लाखों लाभार्थियों को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत प्रदान की है। अब यदि किसी लाभार्थी का इलाज खर्च 5 लाख से 10 लाख रुपए तक आता है, तो उसकी फाइल बिना किसी अनावश्यक देरी के तुरंत स्वीकृत हो जाएगी। पहले इस तरह के खर्च वाली फाइलों को संबंधित विभाग के आंतरिक वित्तीय सलाहकार (IFA) के पास भेजना पड़ता था। वहां से मंजूरी मिलने में कोई बार हफ्ते या महीने की देरी हो जाती थी।
पुरानी व्यवस्था में क्या समस्या थी?
सीजीएचएस लाभार्थियों के लिए इलाज खर्च की सीमा पिछले 10 साल से 2 लाख रुपए तक था। इस सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपए कर दिया गया है। पुरानी व्यवस्था में 2 लाख रुपए से अधिक खर्च वाली फाइलों को आईएफडी के पास भेजना अनिवार्य था, वहां फाइल की जांच होती थी। यदि इसमें कोई गलती मिलती थी, तो फाइल वापस भेज दी जाती थी। इससे लाभार्थी को बार बार दौड़ भाग करनी पड़ती थी।
नई व्यवस्था के मुख्य फायदा
- 5 लाख से 10 लाख रुपये तक के खर्च वाली फाइल अब विभागाध्यक्ष के स्तर पर ही स्वीकृत हो जाएगी। आईएफडी को फाइल भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- लाभार्थियों को अब फाइल की स्थिति जानने के लिए संबंधित डेस्क पर बार-बार जाना नहीं पड़ेगा। विभागाध्यक्ष के स्तर पर ही फेसला हो जाएगा।
- इलाज का खर्च लाभार्थी को पहले खुद वहन करना होगा, लेकिन स्वीकृति मिलने के बाद राशि तुरंत उनके खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
- प्रक्रिया में देरी और कागजी कार्रवाई कम होने से योजना ज्यादा प्रभावी बनेगी।
सीजीएचएस लाभार्थियों के लिए इलाज खर्च की सीमा
| खर्च की सीमा | पहले की व्यवस्था (10 साल पहले) | नई व्यवस्था (अब लागू) | मंजूरी देने वाला अधिकारी |
|---|---|---|---|
| 2 लाख तक | विभागाध्यक्ष सीधे मंजूर कर सकते थे | विभागाध्यक्ष सीधे मंजूर कर सकते हैं | विभागाध्यक्ष |
| 2 लाख से 5 लाख तक | आईएफडी से मंजूरी जरूरी थी | विभागाध्यक्ष सीधे मंजूर कर सकते हैं | विभागाध्यक्ष |
| 5 लाख से 10 लाख तक | आईएफडी से मंजूरी जरूरी थी | विभागाध्यक्ष सीधे मंजूर कर सकते हैं | विभागाध्यक्ष |
| 10 लाख से अधिक | उच्च स्तरीय मंजूरी जरूरी | उच्च स्तरीय मंजूरी जरूरी | आईएफडी/उच्च अधिकारी |
लाभार्थियों के लिए जरूरी सलाह
इलाज कराने के बाद सभी बिल, दस्तावेज और डिस्चार्ज समरी सुरक्षित रखें। यदि 5 लाख से 10 लाख तक खर्च है, तो फाइल सीधे HoD को दें। स्वीकृति मिलने के बाद राशि तुरंत खाते में ट्रांसफर होने की उम्मीद है। किसी समस्या होने पर CGHS हेल्पलाइन या अपने विभाग के प्रशासनिक अधिकारी से संपर्क करें।