Ration Card Update 2026: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राशन कार्ड पर अनाज लेने वाले लाभुकों के लिए ईकवाईसी (e-KYC) अब अनिवार्य हो चुका है। कई बार मौका देने और समयसीमा बढ़ाने के बावजूद जिन लोगों ने ईकेवाईसी नहीं कराया है, उनके राशन कार्ड से नाम काटने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
ईकेवाईसी न कराने पर क्या होगा?
केंद्र सरकार ने साल 2024 में ही NFSA लाभुकों के लिए ईकवाईसी अनिवार्य कर दिया था। कई बार समयसीमा बढ़ाई गई, लेकिन लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। अब मोदी सरकार ने साफ निर्देश दिया है कि जिन लोगों ने ईकवाईसी नहीं कराया है, उन्हें राशन वितरण नहीं किया जाएगा। इसका मतलब है कि उनके राशन कार्ड निष्क्रिय हो जाएंगे और अनाज मिलना बंद हो जाएगा।
जिले में ईकेवाईसी की वर्तमान स्थिति
जिले में कुल 9,50,498 लाभुकों में से, ईकेवाईसी कराने वाले 7,43,470 (78.22%), लापता लाभुक 2,72,028 और जिनका नाम काटने की प्रक्रिया में शामिल करीब 27,000 (जिन्होंने कभी ईकवाईसी नहीं कराया)।
ईकेवाईसी न कराने पर क्या परेशानी हो सकती है?
राशन कार्ड निष्क्रिय होने पर मुफ्त या सब्सिडी वाला अनाज नहीं मिलेगा।
परिवार को बाजार से पूरी कीमत पर अनाज खरीदना पड़ सकता है।
यदि नाम गलती से कट गया है, तो पुनर्स्थापना में समय और कागजी कार्रवाई लगेगी।
ईकेवाईसी कैसे कराएं?
- CSC केंद्र
- पोस्ट ऑफिस
- बैंक शाखा (जो आधार सेवा देती हो)
- या जिला आपूर्ति कार्यालय
अंतिम बात
ईकेवाईसी न कराने वाले लाभुकों के नाम काटने की प्रक्रिया जिले में शुरू हो चुकी है। कुल 27,000 ऐसे लोग हैं जिन्होंने कभी ईकवाईसी नहीं कराया। विभाग का मानना है कि इनमें से अधिकतर मामलों में दोहरे नाम या पात्रता समाप्त होने के कारण हैं। NFSA के तहत 78.22% लाभुकों ने ईकवाईसी करा लिया है, लेकिन बाकी लोगों को अब राशन नहीं मिलेगा।