PM Kisan Yojana Update 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय केबिनेट की बैठक में कपास किसानों के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। कैबिनेट ने कपास सीजन 2023-24 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ऑपरेशन पर 1718.56 करोड़ रुपये की फंडिंग को मंजूरी दे दी है। यह राशि कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) को दी जाएगी, जिसे सरकार ने MSP कार्यों को संचालित करने के लिए केंद्रीय नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया है।
MSP फंडिंग का उद्देश्य और महत्व
MSP ऑपरेशन कपास किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए किया जाता है। यह उपाय कपास की कीमतों को स्थिर रखने, संकटपूर्ण बिक्री को रोकने और किसानों को उचित प्रतिफल सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कृषि बाजारों में समावेशिता बढ़ाने और कपास उगाने वाले समुदायों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने में MSP का संचालन अहम योगदान देता है।
कपासः 60 लाख किसानों की आजीविका का आधार
कपास भारत की सबसे महत्वपूर्ण नकदी फसलों में से एक है। यह लगभग 60 लाख किसानों की आजीविका का मुख्य आधार है। कपास से जुड़ी प्रसंस्करण, व्यापार और वस्त्र उद्योग में 400 से 500 लाख लोगों को रोजगार मिलता है। 2023-24 कपास सीजन के दौरान खेती का रकबा लगभग 114.47 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान था। उत्पादन 325.22 लाख गांठ (बेल्स) आंका गया, जो वैश्विक कपास उत्पादन का करीब 25% है।
CCI की भूमिका और MSP खरीद की प्रक्रिया
सरकार ने कपास क्षेत्र में MSP से जुड़े कार्यों को संचालित करने के लिए कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) को केंद्रीय नोडल एजेंसी बनाया है। जब बाजार में कपास की कीमतें MSP स्तर से नीचे गिर जाती हैं, तो CCI किसानों से FAQ क्वालिटी वाला कपास बिना किसी मात्रा सीमा के खरीदता है।
किसानों को मिलने वाला लाभ
1718.56 करोड़ रुपये की इस फंडिंग से कपास किसानों को सीधा फायदा पहुंचेगा। खासकर उन क्षेत्रों में जहां बाजार भाव MSP से नीचे गिर जाते हैं, वहां CCI की खरीद सक्रिय हो जाएगी। इससे किसानों की आय स्थिर रहेगी और वे अगले सीजन की तैयारी में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकेंगे।
अंतिम बात
केंद्रीय कैबिनेट द्वारा 1718.56 करोड़ रुपये की MSP फंडिंग मंजूर करना कपास किसानों के लिए एक बड़ा तोहफा है। CCI को नोडल एजेंसी बनाकर सरकार ने MSP ऑपरेशन कों और प्रभावी बनाने का संकेत दिया है। यह कदम कपास की कीमतों को स्थिर रखने, किसानों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने और उनकी आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।