Petrol Disel Rate Today: मध्य पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी का असर अब भारत के ईंधन बाजार पर भी साफ दिख रहा है। ब्रेट फूड कुछ समय के लिए $115 प्रति बैरल के पार चला गया था। इस उछाल ने कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ा दी है। भारत में भी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने प्रीमियम ग्रेड पावर पेट्रोल की कीमतों में ₹2.09 से ₹2.35 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है। साथ ही औद्योगिक उपयोगकर्ताओं को बेचे जाने वाले थोक डीजल (Industrial Diesel) की दरों में लगभग ₹22 प्रति लीटर का इजाफा किया गया है।
आज के पेट्रोल डीजल रेट (21 मार्च 2026)
- नई दिल्ली: पेट्रोल ₹94.72/लीटर | डीजल ₹87.62/लीटर
- मुंबई: पेट्रोल ₹104.21/लीटर | डीजल ₹92.15/लीटर
- इंदौर: पेट्रोल ₹106.48/लीटर। डीजल ₹91.88/लीटर
- पटनाः पेट्रोल ₹105.58/लीटर | डीजल ₹93.80/लीटर
- सूरत: पेट्रोल ₹95.00/लीटर । डीजल ₹89.00/लीटर
- नासिकः पेट्रोल ₹95.50/लीटर | डीजल ₹89.50/लीटर
- कोलकाता: पेट्रोल ₹103.94/लीटर | डीजल ₹90.76/लीटर
- चेन्नई: पेट्रोल ₹100.75/लीटर | डीजल ₹92.34/लीटर
- अहमदाबादः पेट्रोल ₹94.49/लीटर | डीजल ₹90.17/लीटर
- बेंगलुरु: पेट्रोल ₹102.92/लीटर | डीजल ₹89.02/लीटर
- हैदराबादः पेट्रोल ₹107.46/लीटर । डीजल ₹95.70/लीटर
- जयपुर: पेट्रोल ₹104.72/लीटर । डीजल ₹90.21/लीटर
- लखनऊः पेट्रोल ₹94.69/लीटर | डीजल ₹87.80/लीटर
- पुणे: पेट्रोल ₹104.04/लीटर | डीजल ₹90.57/लीटर
- चंडीगढ़ः पेट्रोल ₹94.30/लीटर | डीजल ₹82.45/लीटर
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का कारण
- मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव
- प्रमुख उत्पादक देशों में उत्पादन कटौती की आशंका
- वैश्विक मांग में मजबूती (विशेषकर एशियाई अर्थव्यवस्थाओं से)
- अमेरिका-ईरान तनाव के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले टैंकरों पर खतरा
उपभोक्ताओं के लिए सलाह
- बुकिंग नियमों का पालन करें: एक सिलेंडर के बाद दूसरा 25 दिन (शहरी) या 45 दिन (ग्रामीण) बाद ही बुक करें।
- घबराहट में अतिरिक्त बुकिंग न करेंः इससे दूसरे उपभोक्ताओं की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
- ऑनलाइन ट्रैकिंग करें: MyLPG ऐप या वेबसाइट से बुकिंग स्टेटस चेक करें।
- वैकल्पिक ईंधनः जहां संभव हो, केरोसिन या बायोमास का उपयोग करें (सरकार ने अस्थायी अनुमति दी है)।
अंतिम बात
21 मार्च 2026 को रिटेल पेट्रोल और डीजल की कीमतें मई 2022 से अपरिवर्तित बनी हुई हैं। प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन सामान्य उपभोक्ता अभी राहत में हैं। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची हैं, लेकिन सरकार ने टैक्स कटोती और वैकल्पिक आयात से संकट टालने की कोशिश की है।
यह भी पढ़ें- CIBIL Score क्या है और लोन लेने में इसका महत्व क्यों इतना बड़ा?