LPG Rates Today: देशभर में एलपीजी (LPG) की किल्लत के बीच आम जनता को धीरे-धीरे कुछ राहत मिल रही है। हालांकि कई इलाकों में अभी भी सिलिंडर उपलब्धता की समस्या बनी हुई है। इस संकट का असर घरेलू रसोई के साथ-साथ होटल, ढाबा और रेस्तरां पर भी पड़ा है, जहां खाने के दाम बढ़ गए हैं। कई लोग अब इलेक्ट्रिक चूल्हे या अन्य विकल्पों का सहारा ले रहे हैं। आइए जानते हैं कि वर्तमान में विभिन्न शहरों में घरेलू एलपीजी सिलिंडर (14.2 किलो) के क्या भाव चल रहे हैं और सरकार इस संकट से निपटने के लिए क्या कदम उठा रही है।
शहर-वार घरेलू एलपीजी सिलिंडर रेट (मार्च 2026)
- लखनऊ: ₹950.50
- मेरठ: ₹910.50
- कानपुरः ₹928
- इलाहाबाद (प्रयागराज): ₹965.50
- वाराणसी: ₹976.50
- पटनाः ₹1002.50
- रांची: ₹970.50
- दरभंगा: ₹1010
- मुजफ्फरपुर: ₹928
- दिल्ली: ₹913
- नोएडा: ₹910.50
- गाजियाबादः ₹910.50
- चंडीगढ़: ₹922.50
- शिमला: ₹958.50
- श्रीनगरः ₹1029
- भोपाल: ₹918.50
- इंदौर: ₹941
- जयपुरः ₹916.50
- रायपुर: ₹984
- मुंबई: ₹912.50
- कोलकाता: ₹939
- भुवनेश्वरः ₹939
- अहमदाबादः ₹920
एलपीजी किल्लत का असर होटल-रेस्तरां पर
एलपीजी की कमी ने होटल, ढाबा और रेस्तरां क्षेत्र को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। कई जगहों पर कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति सीमित कर दी गई है। परिणामस्वरूप खाने-पीने के दाम बढ़ गए हैं। कुछ राज्यों में रेस्तरां को अतिरिक्त कमर्शियल सिलिंडर की अनुमति दी गई है, लेकिन कुल मिलाकर दबाव बना हुआ है।
इलेक्ट्रिक चूल्हों की सप्लाई बढ़ाने की तैयारी
एलपीजी संकट से निपटने और स्वच्छ खाना पकाने को बढ़ावा देने के लिए एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) सक्रिय हो गई है। कंपनी दो चरणों में पांच लाख इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हे खरीदने के लिए नई निविदा जारी करने की योजना बना रही है।
हाल ही में EESL ने बढ़ती मांग को देखते हुए एक लाख इंडक्शन चूल्हों के लिए निविदा जारी की थी। विभिन्न राज्य सरकारों और ग्राहकों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद अब उपयुक्त बर्तनों (induction-compatible cookware) के लिए भी निविदा निकाली गई है।
EESL अपने राष्ट्रीय कुशल खाना पकाने कार्यक्रम (National Efficient Cooking Programme) के तहत ‘इलेक्ट्रिक कुकिंग’ को बढ़ावा दे रही है।
आम जनता के लिए सुझाव
- एलपीजी की बचत करें और जरूरत से ज्यादा बुकिंग से बचें।
- जहां संभव हो, इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हे या अन्य विकल्पों पर विचार करें।
- ईईएसएल या राज्य सरकार की योजनाओं के तहत इलेक्ट्रिक चूल्हे खरीदने पर सब्सिडी या सहायता की जानकारी लें।
- कीमतों में उतार-चढ़ाव की निगरानी के लिए आधिकारिक स्रोतों (IOCL, BPCL, HPCL) पर नजर रखें।
अंतिम बात
एलपीजी की किल्लत अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है, लेकिन सरकार और संबंधित एजेंसियां राहत देने के प्रयास कर रही हैं। शहर-वार घरेलू सिलिंडर की कीमतें ऊपर बताई गई हैं। साथ ही EESL इलेक्ट्रिक चूल्हों की सप्लाई बढ़ाने के लिए पांच लाख यूनिट्स की नई निविदा की तैयारी कर रही है। होर्मुज संकट के कारण उत्पन्न स्थिति में इलेक्ट्रिक कुकिंग को बढ़ावा एक व्यावहारिक विकल्प साबित हो सकता है। आम नागरिकों को सलाह है कि वे एलपीजी का विवेकपूर्ण उपयोग करें और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर भी ध्यान दें।