Mukhyamantri Udyam Kranti Yojana: मध्य प्रदेश सरकार ने स्टार्टअप और स्वरोजगार को नई गति देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को ‘समर्थ MSME, विकसित मध्यप्रदेश’ थीम के तहत प्रदेश के उद्यमियों को बड़ी आर्थिक राहत दी। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने 257 से अधिक MSME यूनिट्स को उनके खातों में 169.57 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक से ट्रांसफर कर दी।
साथ ही मुख्यमंत्री उद्यम कांति योजना के तहत स्टार्टअप को 28 लाख रुपये से अधिक की सब्सिडी की पहली किस्त भी जारी की गई। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने लघु उद्योग निगम की ओर से 8 करोड़ रुपये के अंतरिम लार्भाश का चेक मुख्यमंत्री को भेंट किया।
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना क्या है?
मध्य प्रदेश में स्टार्टअप और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत उद्यमियों को आसान शर्ती पर लोन उपलब्ध कराया जाता है।
योजना की मुख्य विशेषताएं:
- विनिर्माण इकाइयों के लिए 50 लाख रुपये तक का लोन
- सेवा और रिटेल क्षेत्र के लिए 25 लाख रुपये तक का लोन
- लोन पर 3 प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी
- 7 साल तक गारंटी फीस सरकार द्वारा भरी जाएगी
- किसी भी प्रकार की गारंटी या सिक्योरिटी की जरूरत नहीं
योजना की पात्रता
- उम्र: 18 से 45 वर्ष
- शैक्षणिक योग्यताः न्यूनतम 12वीं पास
- परिवार की वार्षिक आय: 12 लाख रुपये से कम
कार्यक्रम की खास बातें
- 257 से अधिक MSME यूनिट्स को 169.57 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक से जारी
- स्टार्टअप को 28 लाख रुपये से अधिक सब्सिडी की पहली किस्त
- तीन उद्यमियों को औद्योगिक भूमि आवंटन-पत्र
- लघु उद्योग निगम द्वारा 8 करोड़ रुपये का अंतरिम लाभांश चेक
अंतिम बात
मध्य प्रदेश सरकार स्टार्टअप और MSME क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 257 यूनिट्स को 169.57 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि ओर मु ख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत स्टार्टअप को 28 लाख रुपये से अधिक सब्सिडी जारी करना इस दिशा में एक बड़ा कदम है।
योजना के तहत विनिर्माण इकाइयों को 50 लाख रुपये और सेवा-रिटेल को 25 लाख रुपये तक का लोन बिना गारंटी के उपलब्ध है। 3 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी और 7 साल तक गारंटी फीस सरकार द्वारा भरी जाएगी। 18 से 45 वर्ष के युवा, जिनकी 12वीं पास है और परिवार की आय 12 लाख से कम है, इस योजना का लाभ ले सकते हैं। यह पहल मध्य प्रदेश को स्टार्टअप और उद्यमिता का हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।