PM Mudra Yojana: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) देश में स्वरोजगार और छोटे उद्यमों को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रमुख पहल साबित हुई है। अप्रैल 2015 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 52.37 करोड़ से अधिक लोन मंजूर किए जा चुके हैं। इन लोन के माध्यम से कुल 33.65 लाख करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। यह आंकड़े एक आधिकारिक फेक्ट-शीट पर आधारित हैं। योजना ने विशेष रूप से उन छोटे उद्यमियों को औपचारिक ऋण पहुंच प्रदान की है जिनके पास पारंपरिक सुरक्षा (collateral) नहीं होती।
PM Mudra Yojana की उपलब्धियां
योजना की शुरुआत 8 अप्रैल 2015 को हुई थी। तब से लेकर अब तक की प्रगति इस प्रकार है:
- कुल लोन मंजूर: 52.37 करोड़ से अधिक
- कुल राशि वितरितः 33.65 लाख करोड़ रुपये
इन लोन में से लगभग 70 प्रतिशत महिला उद्यमियों को दिए गए हैं। वहीं, कुल लोन में से करीब 50 प्रतिशत अनुसूचित जाति (SC). अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के उद्यमियों को मिले हैं।
मुद्रा लोन की तीन मुख्य श्रेणियां
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना लोन को उद्यम के विकास बरण के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है। प्रत्येक श्रेणी की संख्या और राशि में अलग-अलग हिस्सेदारी है:
शिशु (Shishu) श्रेणी
लोन सीमा: 50,000 रुपये तक
कुल लोन की संख्ख्या में हिस्सेदारी: 78 प्रतिशत
कुल राशि में हिस्सेदारी: 36 प्रतिशत
किशोर (Kishore) श्रेणी
लोन सीमा: 50,000 रुपये से 5 लाख रुपये तक
कुल लोन की संख्या में हिस्सेदारी: 20 प्रतिशत
कुल राशि में हिस्सेदारी: 40 प्रतिशत
तरुण (Tarun) श्रेणी
लोन सीमा: 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक
कुल लोन की संख्या में हिस्सेदारी: 2 प्रतिशत
कुल राशि में हिस्सेदारी: 24 प्रतिशत
तरुण प्लस (Tarun Plus) श्रेणी क्या है?
उन उद्यमियों को अतिरिक्त समर्थन देने के लिए तरुण प्लस श्रेणी शुरू की गई है जो पहले तरुण श्रेणी का लोन सफलतापूर्वक चुका चुके हैं।
- लोन सीमा: 10 लाख रुपये से 20 लाख रुपये तक
- यह लोन कोलेटरल-फ्री (बिना सुरक्षा) है।
- क्रेडिट गारंटी फंड फॉर माइक्रो यूनिट्स (CGFMU) के तहत गारंटी कक्रेज भी उपलब्ध है।
लोन सीमा बढ़ाने की घोषणा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 जुलाई 2024 को पेश केंद्रीय बजट में मुद्रा लोन की ऊपरी सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने की घोषणा की थी। यह बदलाव 24 अक्टूबर 2024 से लागू हो गया। नई सीमा मुख्य रूप से तरुण प्लस श्रेणी के तहत लागू होती है। इससे उद्यमियों को बड़े स्तर पर विस्तार करने में आसानी हुई है।
लोन कैसे मिलता है?
- बैंक (Commercial Banks, Regional Rural Banks, Small Finance Banks)
- गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs)
- माइक्रो फाइनेंस संस्थान (MFIs)
अंतिम बात
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने अप्रैल 2015 से अब तक 52.37 करोड़ से अधिक लोन मंजूर करके 33.65 लाख करोड़ रुपये वितरित किए हैं। 70 प्रतिशत लाभ महिलाओं को और 50 प्रतिशत SC/ST/OBC वर्ग को मिलना योजना की सफलता का प्रमाण है। शिशु, किशोर, तरुण और अब तरुण प्लस श्रेणियों के माध्यम से योजना उद्यमियों के विकास के हर चरण में साथ दे रही है। वित्त मंत्री द्वारा घोषित लोन सीमा वृद्धि ने इसे और प्रभावी बनाया है। जो छोटे उद्यमी या स्वरोजगार शुरू करना चाहते हैं, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।