प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (Pradhan Mantri Ujjwala Yojana) के नियम बदल दिए गए हैं। अब लाभार्थियों को सालभर में महज 4 गैस सिलेंडर पर ही ₹300 की सब्सिडी मिलेगी। पहले यह 9 सिलेंडर तक थी।
सरकार का कहना है कि योजना गरीब परिवारों तक पहुंच रही है, लेकिन सब्सिडी का बोझ भी बढ़ रहा है।
कितनी सब्सिडी मिलती है
एक सिलेंडर पर ₹300। यानी साल में कुल ₹1200। दिल्ली में सामान्य सिलेंडर ₹942 का पड़ता है, उज्ज्वला वाले को ₹642 में मिलेगा। बाकी सिलेंडर पूरे दाम पर खरीदने पड़ेंगे।
क्यों किया गया बदलाव
योजना 2016 में शुरू हुई थी। तब 12 सिलेंडर पर सब्सिडी मिलती थी। बाद में 9 कर दी गई। अब 4 पर सीमित। सरकार का फोकस असली जरूरतमंद तक मदद पहुंचाने पर है।
किन्हें मिलता है लाभ
गरीब परिवार, SC/ST, BPL, अति पिछड़ा वर्ग, PM Awas Yojana ग्रामीण के लाभार्थी, अंत्योदय अन्न योजना वाले, चाय बागान मजदूर, वनवासी और 14 सूत्री घोषणा के तहत गरीब परिवार। आवेदन परिवार की महिला के नाम से होता है।
क्या-क्या मिलता है
- मुफ्त गैस कनेक्शन
- चूल्हा (₹565 से ₹990 तक)
- प्रेशर रेगुलेटर, होस, गैस कॉपी
- 14.2 किलो सिलेंडर पर ₹2200, 5 किलो पर ₹1300 (पहली बार)
दस्तावेज क्या लगेंगे
आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, बैंक अकाउंट और IFSC कोड, BPL/SECC प्रमाणपत्र।
कैसे हुआ असर
10 करोड़ से ज्यादा परिवारों को कनेक्शन मिल चुके हैं। PM Ujjwala 2.0 में और विस्तार हुआ। लेकिन बढ़ती LPG कीमतों और सब्सिडी के बोझ के कारण सरकार ने यह कदम उठाया।
लोगों पर क्या असर
जिन परिवारों की आय कम है, उनके लिए अब खर्च बढ़ जाएगा। कई महिलाएं पहले ही कह रही थीं कि 9 सिलेंडर भी काफी नहीं पड़ते। अब 4 पर सीमित होने से और दिक्कत हो सकती है।
सरकार क्या कह रही है
योजना का मकसद चूल्हे का धुआं कम करना था। अब फोकस उन परिवारों पर है जो सच में जरूरतमंद हैं। बाकी लोग बाजार मूल्य पर सिलेंडर खरीद सकते हैं।
तुम क्या कर सकते हो
- अगर उज्ज्वला लाभार्थी हो तो अपने बैंक अकाउंट और आधार लिंक चेक कर लो।
- इंडक्शन, प्रेशर कुकर और सोलर कुकर का इस्तेमाल बढ़ाओ।
- अनावश्यक गैस बचाओ।
- योजना की समीक्षा के लिए स्थानीय अधिकारी से संपर्क करो।
क्या है असली लागत
सरकार और कंपनियां प्रति सिलेंडर भारी सब्सिडी दे रही हैं। अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ने से घरेलू सिलेंडर की असली लागत ₹1600 से ज्यादा हो गई है। फिर भी आम लोगों को सस्ता मिल रहा है।
अंत में
Ujjwala योजना ने करोड़ों महिलाओं को धुएं से राहत दी। अब नियम बदले गए हैं। सब्सिडी सीमित हुई है। अगर तुम लाभार्थी हो तो जितना बचत कर सको, करो। योजना का सही फायदा उठाओ। सरकार का फोकस गरीबों की मदद पर है, लेकिन हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी भी समझनी होगी।
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