Advance Tax Last Date: अगर तुम्हारी कमाई सिर्फ सैलरी तक नहीं रुकती, अगर किराए, फ्रीलांसिंग, बिजनेस, ब्याज या शेयर-म्यूचुअल फंड से भी पैसे आते हैं, तो आज या कल ही चेक कर लो। आयकर विभाग कह रहा है — 15 जून तक अपनी अनुमानित टैक्स देनदारी का कम से कम 15% जमा कर दो।
देर हुई तो ब्याज लगेगा। और वो ब्याज हर महीने जुड़ता चला जाएगा। छोटी लापरवाही बाद में बड़ा बिल बन जाती है।
किसे देना पड़ता है एडवांस टैक्स?
जिनकी कुल टैक्स देनदारी एक साल में 10,000 रुपये से ज्यादा बनती है। फ्रीलांसर, डॉक्टर, वकील, कंसल्टेंट, दुकानदार, प्रॉपर्टी से किराया लेने वाले, बैंक ब्याज या डिविडेंड पाने वाले — ये सब इसके दायरे में आते हैं।
सैलरी वाले लोग आमतौर पर बच जाते हैं क्योंकि उनका टैक्स TDS से कट जाता है। लेकिन अगर उनके पास कोई और आय है जिस पर TDS नहीं कटा, तो उन्हें भी हिसाब लगाना पड़ेगा।
किस्तों का बंटवारा
- 15 जून तक: 15%
- 15 सितंबर तक: 45% (कुल)
- 15 दिसंबर तक: 75% (कुल)
- 15 मार्च तक: 100%
पहली किस्त सबसे आसान लगती है, लेकिन यहीं से गड़बड़ शुरू होती है। कई लोग आखिरी समय तक टालते रहते हैं। फिर ब्याज और पेनल्टी का चक्कर शुरू।
धारा 234B और 234C याद रखो
देर से या कम भरा तो ब्याज लगेगा। 1% प्रति माह। छोटी रकम भी हो तो साल भर में जोड़ दो तो अच्छा खासा अमाउंट बन जाता है।
अपनी आय का सही आंकलान करो
बैठो, पिछले साल की कमाई देखो। इस साल कितना हो सकता है, उसका अंदाजा लगाओ। पहले से कटे हुए TDS को घटा दो। बाकी बचा अमाउंट पर 15% निकालो।
बहुत से लोग TDS को भूल जाते हैं और ज्यादा टैक्स जमा कर देते हैं। बाद में रिफंड तो मिल जाता है, लेकिन अपना पैसा बेकार में सरकार के पास बंधक रहता है।
ऑनलाइन भुगतान अब बहुत आसान है
आयकर विभाग का पोर्टल खोलो। PAN डालो, चालान जनरेट करो। कुछ मिनट में काम हो जाता है। बैंक जाना नहीं पड़ता। रसीद तुरंत मिल जाती है।
मोबाइल ऐप से भी कर सकते हो। लेकिन सावधानी बरतो — ऑफिशियल साइट ही यूज करो।
फ्रीलांसर और बिजनेसमैन के लिए खास सलाह
तुम्हारी आय अनियमित होती है। एक महीने अच्छा, दूसरे में कम। फिर भी औसत निकालकर एडवांस टैक्स भरो। बाद में जब फाइनल रिटर्न भरोगे तो एडजस्ट हो जाएगा।
डॉक्टर, वकील, CA — प्रोफेशनल जो लोग कैश भी लेते हैं, उन्हें खास ध्यान रखना चाहिए।
किराएदारों को भी प्रॉपर्टी से किराया ले रहे हो? 30% डिडक्शन के बाद बाकी पर टैक्स लगता है। उसे भी शामिल करो।
शेयर और निवेश से मुनाफा डिविडेंड, कैपिटल गेन — सब जोड़ो। LTCG-STCG का अलग हिसाब है, लेकिन एडवांस टैक्स में शामिल जरूर करो।
समय पर भुगतान के फायदे
- पेनल्टी से बचाव
- टैक्स रिटर्न भरते समय आसानी
- मन की शांति
- बेहतर कैश फ्लो प्लानिंग
अभी क्या करो
- अपनी कुल संभावित आय का हिसाब लगाओ
- TDS कटे हुए टैक्स घटाओ
- 15% निकालो
- आज या कल ही पोर्टल पर जमा कर दो
15 जून बहुत करीब है। कल इंतजार मत करना।
गलतियां जो लोग अक्सर करते हैं
- आय का कम आंकलान
- TDS एडजस्ट न करना
- आखिरी तारीख पर ट्रैफिक के कारण पोर्टल हैंग होना
- गलत चालान भरना
अगर तुम्हें शक है किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट से एक बार बात कर लो। या इनकम टैक्स पोर्टल पर अपना पिछले साल का रिटर्न देखो। ट्रेंड से अंदाजा लग जाएगा।
बॉटम लाइन टैक्स देना पड़ता है। लेकिन समय पर दो तो कम से कम बोझ लगता है। 15 जून की डेडलाइन मिस मत करना। आज बैठो, हिसाब करो और पेमेंट कर दो।
देर हुई तो हर महीने ब्याज जुड़ता रहेगा। वो पैसा तुम्हारा अपना है, उसे बर्बाद मत होने दो।
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