Antimicrobial Resistance (AMR): भारत में एक छोटी सी लापरवाही अब राष्ट्रीय संकट की शक्ल ले चुकी है। गले में हल्का दर्द हो तो बिना डॉक्टर से मिले मेडिकल स्टोर पर एंटीबायोटिक्स खरीद लेना, दो से चार दबा लेने के बाद बंद कर लेना। यह अदद AMR नामक खतरनाक समस्या को जन्म दे रही है। AMR यानी बे बैक्टीरिया जिन पर एंटीबायोटिक्स अब असर नहीं करतीं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने AMR को मानवता के सामने मौजूद 10 सबसे बड़े खतरों में शामिल किया है।
AMR क्या है और यह कैसे फैल रहा है?
AMR बह स्थिति है जब बैक्टीरिया, वायरस, फंगस या परजीवी एंटीबायोटिक्स, एंटीवायरल या एंटीफंगल दबाओं का प्रतिरोध करने लगते हैं। जब कोई व्यक्ति बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक्स लेता है या निर्धारित दबा नहीं लेता है, तो बैक्टीरिया में म्यूटेशन होता है। कमजोर बैक्टीरिया मर जाते हैं, लेकिन मजबूत प्रतिरोधी बैक्टीरिया बच जाते हैं और तेजी से फैलते हैं। अगली बार बही दबा इन पर काम नहीं करती। ICMR रिपोर्ट के अनुसार देश में लगभग 30% संक्रमणों में सामान्य एंटीबायोटिक्स बे असर हो चुकी है।
भारत में AMR की स्थिति
ICMR और अन्य अध्ययनों के अनुसार, निमोनिया में 30-50% मामलों में पहली लाइन एंटीबायोटिक्स फेल हो रही हैं, UTI में 40% महिलाओं को मजबूत एंटीबायोटिक्स लेने पड़ रहे हैं, अस्पतालों में 70% संक्रमण रेजिस्टेंट बेक्टीरिया से हैं। हर साल 50 लाख से अधिक मौतें AMR से हो रही हैं (WHO अनुमान) और 2050 तक यह संख्या 1 करोड़ सालाना पहुंच सकती है। यह समस्या केबल इंसान के लिए सीमित नहीं है, कृषि, पशुपालन और मछली पालन में एंटीबायोटिक्स के अत्यधिक उपयोग से हमारे खाद्य श्रृंखला भी प्रभावित हो रही है।
एंटीबायोटिक्स का गलत इस्तमाल (मुख्य कारण)
मेडिकल स्टोर पर बिना पर्चे से बिक्री।
अधूरा दबा लेना।
डॉक्टर की लेबरबाही (जरूरत से ज्यादा या गलत एंटीबायोटिक्स लिखना)
पशुपालन और कृषि में अत्यधिक उपयोग (पशुओं की बीमारी रोकने के लिए या वजन बढ़ाने के लिए एंटीबायोटिक्स का उपयोग)
प्रधानमंत्री मोदी की चेतावनी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार मन की बात में है AMR पर चेतावनी दिए। उन्होंने कहा,
” एंटिबायोटिक्स ऐसे दबाएं नहीं जिन्हें बिना सोचे समझे खाया जाए। इन्हें केबल डॉक्टर की सलाह पर ही लेना चाहिए”
AMR से लड़ने के उपाय
AMR से लड़ने के लिए केबल दबाएं नहीं, सामूहिक जिन्मेदारी जरूरी है, जैसे दबा खरीदने से पहले डॉक्टर की सलाह ले, दबा लेने के बाद पूरा करें, अच्छे में हाथ धोए और सफाई करें, पशुओं को प्प्रिंबेटिब एंटीबायोटिक्स न दें।