Weather Update: देश के उत्तर और पूर्वी हिस्सों में मोसम ने एक बार फिर बड़ा बदलाव दिखाया है। राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और उत्तराखंड-हिमाचल तक बादल छाए हुए हैं। कई जगहों पर हल्की बूंदाबांदी ओर तेज हवाओं ने लोगों को अप्रैल की शुरुआत में ही मार्च जेसी ठंडक महसूस कराई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों के लिए सतर्क रहने की सलाह जारी की है। आइए जानते हैं विभिन्न राज्यों में मौसम की मौजूदा स्थिति, तापमान में गिरावट, फसलों पर असर और आगे क्या होने वाला है।
दिल्ली-एनसीआर में सुहाना मौसम, प्रदूषण भी घटा
दिल्ली और आसपास के इलाकों में आज सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई। इस बदलाव ने लोगों को तेज गर्मी से अचानक राहत दी। अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 16 डिग्री के करीब रहा। रविवार को भी तापमान सामान्य से नीचे रहा।
उत्तर प्रदेश में तापमान में 2-4 डिग्री की गिरावट
उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी मौसम ने अचानक रुख बदला है। तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। सुबह-शाम हल्की ठंडक महसूस हो रही है। कई लोगों ने हल्के गर्म कपड़े फिर से निकाल लिए हैं। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि यह राहत ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है। मार्च के आखिरी हफ्ते में तापमान फिर से बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
राजस्थान में ओलावृष्टि से रबी फसलों को भारी नुकसान
राजस्थान में मोसम का यह बदलाव किसानों के लिए मुसीबत बन गया है। पिछले कुछ दिनों से कई जिलों में लगातार बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। इसका सबसे ज्यादा असर रबी फसलों पर पड़ा है।
- जीरा की फसल का रंग बदल गया है (जैसलमेर और जोधपुर में)
- गेहूं को भारी नुकसान (अलवर, जयपुर और दौसा में)
- सरसों और अन्य तिलहन फसलों की स्थिति भी खराब
पहाड़ी राज्यों में तेज हवाओं का अलर्ट
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हवा की रफ्तार 30 से 50 किमी/घंटा तक हो सकती है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और पेड़ गिरने का खतरा बना हुआ है।
आने वाले दिनों में क्या होगा?
मौसम विभाग के अनुसार 26 मार्च के बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसका असर उत्तर-पश्चिम भारत पर पड़ेगा। इससे तेज हवाएं, गरज-चमक और बारिश की संभावना बट जागी। उत्तर भारत में अप्रैल की शुरुआत में एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।