Income Tax Rule Change 2026: 1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने नए आयकर अधिनियम 2025 के तहत मसौदा नियम और फॉर्म जारी किए हैं, जिनमें एचआरए (House Rent Allowance) क्लेम करने की प्रक्रिया को और सख्त बनाया गया है। अब अगर कोई वेतनभोगी कर्मचारी एचआरए का दावा करता है तो उसे यह स्पष्ट रूप से घोषित करना होगा कि जिस मकान मालिक को वह किराया दे रहा है, उससे उसका कोई पारिवारिक या अन्य संबंध तो नहीं है। यह बदलाव मुख्य रूप से फॉर्म 124 में प्रस्तावित किया गया है।
एचआरए क्लेम पर नया प्रावधान
टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि एचआरए क्लेम में फर्जी या बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए किराए के दावे काफी आम हैं। कई मामलों में कर्मचारी मकान मालिक के रूप में अपने रिश्तेदार या परिवार के सदस्य का नाम दिखाकर एचआरए क्लेम कर लेते हैं, जबकि वास्तव में किराया नहीं दिया जाता।
नांगलिया ग्लोबल एडवाइजर के पार्टनर संदीप जैन ने बताया कि यह प्रावधान असली और कृत्रिम दावों के बीच स्पष्ट फर्क करने में मदद करेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और गलत दावों को खारिज करना आसान हो जाएगा। वास्तविक किराए के मामलों पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। कर्मचारी को बस एक अतिरिक्त घोषणा करनी होगी कि मकान मालिक से कोई पारिवारिक या अन्य संबंध नहीं है।
विदेशी आय पर टैक्स क्रेडिट के दावों में भी सख्ती
एचआरए क्लेम के अलावा विदेशी आप पर टेक्स क्रेडिट (Foreign Tax Credit) के दावों को लेकर भी नियम कड़े किए जा रहे हैं। प्रस्तावित फॉर्म 44 में ऑडिटर की भूमिका और जिम्मेदारी दोनों को काफी मजबूत किया गया है।
अब चार्टर्ड अकाउंटेंट को निग्रलिखित बातों की स्वतंत्र जांब करनी अनिवार्य होगी, विदेशी टैक्स कटोती प्रमाण-पत्र (Foreign Tax Credit Certificate), भुगतान का ठोस सबूत, विनिमय दर (Exchange Rate) का सही रूपांतरण और लागू टेक्स संधि (Tax Treaty) की पात्रता।
नए फॉर्म और नियमों का समय सारिणी
- मसौदा नियम और फॉर्म: जारी हो चुके हैं (हितधारकों से राय मांगी गई)
- अंतिम नियम और फॉर्म: मार्च 2026 में अधिसूचित किए जाएंगे
- लागू होने की तारीख: 1 अप्रैल 2026 (Assessment Year 2026-27 से)
टैक्स विशेषज्ञों का विश्लेषण
टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि ये बदलाव सरकार की उस कोशिश का हिस्सा है जिसमें टैक्स सिस्टम को और पारदर्शी बनाया जाए। संदीप जैन ने कहा कि एचआरए क्लेम में मकान मालिक से संबंध की घोषणा अनिवार्य करने से फर्जी दावों पर लगाम लगेगी। इससे विभाग को जांच में आसानी होगी और वास्तविक किराए के मामलों में कोई परेशानी नहीं आएगी। विदेशी टेक्स क्रेडिट के लिए ऑडिटर की जिम्मेदारी बढ़ने से भी अनुपालन मजबूत होगा।