India America Trade Deal: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत में दूर पर आए हैं। इसके बाद से ट्रंप के तेवर नरम पड़ गया है ट्रंप अब बैक फुट पर दिखाई दे रही है क्योंकि एक ऐसा कुछ हुआ है। पुतिन भारत के दौर पर आते हैं उसके बाद से भारत के अधिकारी रस पहुंच जाते हैं तो इसके बीच ट्रंप को एक खबर लगता है।
ट्रंप तुरंत आननफानन मैं अमेरिका की अधिकारियों को भारत की ग्रस्त में भेज देते हैं और पूरा मामला क्या है और क्या चल रहा है इसके मध्य में और कैसे ट्रांसफर बैक फुट पर आ रहे हैं सारे जानकारी आपको देने वाले हे।
पूरी जानकारी क्या हे
रूस के राष्ट्रपति पुतिन भारत आए, उसके बाद से पूरी दुनिया में चर्चा बहुत ज्यादा हो रहा है। जिस तरीके से पीएम मोदी के साथ उनकी मुलाकात हुई और वह गले मिले तब से डोनाल्ड ट्रंप का पसीने छूट गया है। क्योंकि और कोई इस बात से बाकी है कि रूस और भारत जब-जब साथ में आते हैं तब तक दुनिया की टेंशन बढ़ती है।
डोनाल्ड ट्रंप की टेंशन इस कारण बहुत ज्यादा बड़ी हुई है क्योंकि उन्हें रूस और भारत को अलग करने का बहुत कोशिश की है, और टैरिफ में भी लगा दिया था। बहुत सारे फैसला लिए भारत के लिए, उसके साथ 50% टैरिफ भी लगा दिया भारत के ऊपर।
लगातार धमकी दिया, मतलब ऐसा माना कि जब भी वह जगते हैं। तो एक धमकी देते हैं, कि आप हम तारीफ आज पर लगा रहे हैं आप रस से तेल खरीदना बंद करो। लेकिन भारत पर ट्रंप के फैसले आगे झुकना और अब ट्रंप झुकते हुए नजर में आ रहे हैं।
ट्रंप के तेवर अब पुतिन के भारत ग्रस्त में आने से नरम पढ़ने हुए नजर आ रहे हैं। जहां वह पहले भारत को धमकियां पर धमकियां देते थे, तो बे भारत के खिलाफ ऐसी कोई बयान बाजी भी नहीं कर रहे हैं। यहां तक कि उन्हें ट्रेड डील को भी जल्दी आगे बढ़ाने के लिए अपने अधिकारियों को भारत दूर पर भेज दिया है ।
यहां पर आपको यह जानकारी देना है, यह ट्रेन डील काफी लंबी समय से चर्चा में थी कहां जा रहा था कि ट्रंप खुद इस पर बातचीत करेंगे। मोदी भी अमेरिका गए थे और कहां जा रहा था कि इस पर बातचीत होगी। यहां तक की साइन भी हो जाएंगे, लेकिन ट्रंप ने भारत को धोखा देते हुए जो उसका दोस्त था भारत उसको अपना दुश्मन मानते हुए पाकिस्तान के साथ दोस्ती निभाई और पहले भारत से पहले ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ एक ट्रेड डील कर दी।
लेकिन जब रूस और भारत के दोस्ती और ज्यादा मजबूत हुई पुतिन भारत आ गए, और यहां पर कई बड़ी समझते हुई डिफेंस दिल से लेकर हमने देखा कई वाणिज्य समझौता हुआ। हो सके कोई ऐसे भी समझौता हुए हैं, जो पब्लिक डोमेन में ना शायद ड्रम को यह अंदेशा हो कि भारत और रूस की कि पुतिन और मोदी मिले एक मौके पर नहीं मिले भारत में कोई मौके पर चाहे वह प्रधानमंत्री आवास ले जाना हो बहुत काम ऐसा मौका होता है कि प्रधानमंत्री अपने आवास में लोगों ले जाते हैं।
हैदराबाद हाउस में मुलाकात होती है प्रधानमंत्री आवास ले जाना हैदराबाद हाउस में भी मुलाकात हुई, राष्ट्रपति भवन में भी मुलाकात हुई तो पुतिन और मोदी के बीच कई जो मुलाकात का दौरा हुआ। तो इससे ड्रम को यह लगा होगा यह तो ठीक है।
पब्लिक डेमों में यह बयान आया कि हम यह व्यापार की बात कर रहे हैं, हम डिफेंस की बात कर रहे हैं, हम सिक्योरिटी की बात कर रहे हैं, लेकिन क्या कुछ और बड़ी बात अगर हो गई तो ट्रेन तो फस जाएंगे अकेले पड़ जाएंगे जो बिल्कुल फ्रॉम का एक डर है। पर भी यह साफ तौर पर दिखाई दे रही है क्योंकि पुतिन भारत में आए हे।
तो इए था आज का का अपडेट
————– समाप्त —————–