India Attack Iran: भारत ने अमेरिका को ईरान पर हमले के लिए अपनी जमीन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी, विदेश मंत्रालय का फेक न्यूज अलर्ट

Published On: March 22, 2026

India Attack Iran: इजराइल-ईरान तनाव के बीच सोशल मीडिया पर एक वायरल दावा तेजी से फैल रहा था, जिसमें कहा जा रहा था कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के लिए भारत की जमीन इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी है। इस पोस्ट में आगे दावा किया गया कि अमेरिका LEMOA (Logistics Exchange Memorandum of Agreement) के तहत पश्चिमी भारत के किसी सैन्य संसाधन का उपयोग करना चाहता है और कोंकण तट के पास समुद्र में विमानवाहक पोत तैनात करने की योजना है। यह दावा एक पत्रकार की पोस्ट से शुरू हुआ और जल्द ही कई हैंडल्स पर शेयर हो गया।

वायरल दावे में क्या लिखा था?

“अमेरिका ने भारत से एक ऐसे सैन्य संसाधन की सहायता देने की अनुमति मांगी है जिसका इस्तेमाल पश्चिमी भारत से ईरान पर बमबारी करने के लिए किया जाएगा।”

विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब

भारत ने अमेरिका को अपनी जमीन या किसी सैन्य संसाधन का इस्तेमाल करने की कोई अनुमति नहीं दी है।
सोशल मीडिया पर फैल रहा यह दावा पूरी तरह बेबुनियाद और झूठा है।
इस तरह की अफवाहों से सावधान रहें और फेक्ट चेक करें।

LEMOA समझौता क्या है और इसका क्या मतलब है?

LEMOA (Logistics Exchange Memorandum of Agreement) भारत और अमेरिका के बीच 2016 में हुआ एक रक्षा समझोता है। यह समझोता दोनों देशों की सेनाओं को एक-दूसरे के ठिकानों पर लॉजिस्टिक्स सपोर्ट (ईंधन, मरम्मत, रसद, रखरखाव आदि) देने की अनुमति देता है। यह समझोता परस्पर है और दोनों देशों की सहमति से ही लागू होता है।

LEMOA का इस्तेमाल किसी तीसरे देश पर हमला करने के लिए नहीं किया जा सकता। भारत ने बार-बार स्पष्ट किया है कि उसकी जमीन का इस्तेमाल किसी अन्य देश के खिलाफ सेन्य कार्रवाई के लिए नहीं किया जाएगा। यह भारत की लंबे समय से चली आ रही नीति है कि वह किसी तीसरे देश के खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं होने देगा।

यह फेक न्यूज क्यों फैली ?

यह दावा इजराइल-ईरान तनाव के बीच फैला। ऐसे समय में अफवाहें और सनसनीखेज दावे तेजी से वायरल होते हैं। पोस्ट में LEMOA की गलत व्याख्या की गई और कोंकण तट पर तैनाती की अटकलें लगाई गईं। यह पूरी तरह काल्पनिक था।

अंतिम बात

विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि अमेरिका ने भारत से ईरान पर हमले के लिए जमीन इस्तेमाल करने की कोई अनुमति नहीं मांगी है। सोशल मीडिया पर वायरल यह दावा पूरी तरह झूठा ओर बेबुनियाद है। LEMOA एक लॉजिस्टिक्स समझौता है, जिसका इस्तेमाल किसी तीसरे देश के खिलाफ नहीं किया जा सकता। भारत की नीति हमेशा से यही रही है कि उसकी जमीन का इस्तेमाल किसी अन्य देश के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए नहीं होगा।

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Ashutosh Behera

I am Ashutosh, graduate complete in electrical engineering. i am staying in Jagatsinghpur, Odisha, belong in village, this is my website.

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