India US Trade Deal Talk Cancel: भारत और अमेरिका के बीच होने वाली अंतरिम व्यापार समझौते की बड़ी डील पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। वाशिंगटन में होने वाली चीफ नेगोशिएटर्स की महत्वपूर्ण बैठक को टाल दिया गया है। मुख्य वजह अमेरिका में टैरिफ को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला और उसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नया टैरिफ गेम है। तो आखिर क्या है पूरा मामला? भारत को 18% टैरिफ देना होगा या 15%? क्या डील में देरी होगी और इसका असर भारतीय कारोबार पर कितना पड़ेगा? क्या पीएम मोदी और ट्रंप के बीच सब कुछ ठीक चल रहा है? आइए इस रिपोर्ट में विस्तार से समझते हैं।
वाशिंगटन बैठक का टलना और इसका कारण
भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए 23 फरवरी 2026 से वाशिंगटन में तीन दिन की बैठक होने वाली थी। भारतीय टीम का नेतृत्व कॉमर्स मिनिस्ट्री में जॉइंट सेक्रेटरी दर्पण जैन करने वाले थे। लेकिन ऐन वक्त पर दोनों देशों ने इस मीटिंग को रिशेड्यूल करने का फैसला किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल के घटनाक्रम, खासतौर पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के असर को समझने के लिए दोनों पक्षों को थोड़ा समय चाहिए
अमेरिका सुप्रीम कोर्ट का फैसला
अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का इस्तेमाल कर जो बड़े पैमाने पर टैरिफ लगाए थे, वो उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर थे। इस फैसले ने ट्रंप प्रशासन के रेसिप्रोकल टैरिफ फ्रेमवर्क को बड़ा झटका दिया।
ट्रंप का नया 15% गोवल टेरिफ
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद ट्रंप ने नई बात चली। पहले उन्होंने 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए सभी देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ का ऐलान किया और फिर 24 घंटे के भीतर इसे बढ़ाकर 15% कर दिया।
तो सवाल यह है कि, भारत पर 18% लगेगा या 15%? वाइट हाउस के एक अधिकारी के हवाले से आई रिपोर्ट के अनुसार जिन देशों के साथ अमेरिका ट्रेड समझौते कर चुका है जैसे ब्रिटेन, भारत और यूरोपीय उन्हें अब धारा 122 के तहत 10% ग्लोबूत टैरिफ का सामना करना होगा। अगर 22 फरवरी के ऐलान को जोड़ें तो यह 15% हो जाता है।
अतिरिक्त व्यापार समझौता
- भारतीय कृषि उत्पादों पर अमेरिका में जीरो टैरिफ
- अमेरिकी कृषि उत्पादों पर भारत में कोई टैरिफ छूट नहीं
- भारत अमेरिका से अगले 5 साल में $50,000 करोड़ के उत्पाद खरीदेगा
- कुल प्रभावी टैरिफ को 18% तक घटाना
भारत कारोबार पर क्या असर पड़ेगा?
यदि 15% टैरिफ लागू होता है तो, भारतीय एक्सपोर्ट को थोड़ी राहत मिल सकती है। यदि 18% लागू होता है तो भारत तय शर्तों के मुताबिक आगे बढ़ना होगा। यह तो ठीक है यदि समझौता में देरी होता है तो भारतीय कारोबार पर बड़ा असर पड़ सकता है, खासकर कृषि, फार्मा और IT सेक्टर पर।
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