Indian Oil Update: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच देश में पेट्रोल और डीजल की किल्लत की अफवाहों ने कई जगहों पर पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगा दी हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से एक गंभीर मामला सामने आया है। एचर पाई सेक्टर स्थित एक इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर पानी मिता पेट्रोल बेचने का मामला उजागर हुआ है।
यह पंप कंपनी द्वारा संचालित है। घटना की शुरुआत 23 मार्च 2026 की रात हुई बारिश से हुई, जब पेट्रोल लेने वाला टैंकर दीवार से टकरा गया। टैंकर क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें पानी घुस गया। इससे पंप के टैंक में पानी वाला पेट्रोल जमा हो गया। मामला तब उजागर हुआ जब कई वाहनों की गाड़ियां एक-एक करके खराब होने लगीं।
घटना का क्रम और लापरवाही
23 मार्च 2026 की रात बारिश के दौरान टैंकर दीवार से टकराने के बाद क्षतिग्रस्त हो गया। टैंकर में पानी घुस गया। पंप कर्मचारियों ने बिना जांच के पूरा टैंकर खाली कर दिया, जिससे पानी मिला पेट्रोल स्टेशन के टैंक में पहुंच गया। इस मिलावटी पेट्रोल को ग्राहकों को बेचा गया। जब वाहन मालिकों की गाड़ियों खराब होने लगी, तब जाकर समस्या सामने आई। कई वाहन मालिकों ने शिकायत की।
प्रशासन की कार्रवाई
मामले की शिकायत मिलने पर मापतौल विभाग और जिला पूर्ति विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने जांच की और पेट्रोल के नमूने एकत्र किए। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) को नोटिस जारी किया गया और स्पष्टीकरण मांगा गया। जिला प्रभारी पूर्ति अधिकारी स्मृति गौतम ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी जिलाधिकारी मेधा रूपम को दे दी गई है। IOCL के जवाब का इंतजार किया जा रहा है।
प्रभावित उपभोक्ताओं के लिए क्या करें?
- जिनकी गाड़ी खराब हुई है, वे जिला पूर्ति कार्यालय या संबंधित पेट्रोल पंप से संपर्क करें।
- गाड़ी की मरम्मत का बिल और अन्य प्रमाण रखें।
- प्रशासन मुआवजे और पेट्रोल राशि वापसी की प्रक्रिया चला रहा है।
- भविष्य में पेट्रोल भरते समय पंप का नाम, मात्रा और रसीद अवश्य लें।
अंतिम बात
ग्रेटर नोएडा के एचर पाई सेक्टर स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर पानी मिता पेट्रोल बेचने का मामला लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण है। 23 मार्च 2026 की रात टैंकर दुर्घटना के बाद कर्मचारियों द्वारा मिश्रित ईंधन को टैंक में डालने से कई वाहन प्रभावित हुए। जिला प्रभारी पूर्ति अधिकारी स्मृति गौतम और जिलाधिकारी मेधा रूपम के स्तर पर मामले का संज्ञान लिया गया है। IOCL को नोटिस दिया गया है और स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रभावित वाहन मालिकों को मुआवजा और पेट्रोल की राशि वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।