Iran Israel War Impact India: दुनिया इस समय एक बड़े ऊर्जा संकट की आसंका से गुजर रही है। मध्य पूर्व में ईरान और इजराइल के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक तेल बाजार को हिला रहा है। कच्चे जेल की कीमतों में अचानक तेज उछाल देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिका का प्रमुख तेल बेंचमार्क WTI (West Texas Intermediate) करीब 25% की तेजी के साथ 113 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच मया है। वहीं ब्रेंट कूड भी लगभग 23% की बढ़त के साथ 114 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।
यह उछाल मुख्य रूप से मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य संघर्ष और अनिश्चितता की वजह से आया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हो सकती है।
भारत पर क्या असर पड़ सकता है?
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने का असर भारत के घरेलू बाजार पर भी पड़ सकता है। आमतौर पर कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का मतलब होता है कि भविष्य में पेट्रोल और डीजल के दाम भी बढ़ सकते हैं।
वर्तमान में दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹87.67 प्रति लीटर बनी हुई है। सरकार ने मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार साफ किया है कि अभी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी करने की कोई योजना नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि देश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह से स्थिर है और फिलहाल पेट्रोल पंपों पर कीमतें बढ़ने का तत्काल खतरा नहीं है।
भारत में एलपीजी की कीमतों में पहले ही बढ़ोतरी
भारत में पहले ही रसोई गैस यानी एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी हो चुकी है। घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से आम लोगों की जेब पर असर पड़ना शुरू हो गया है। हाल ही में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में करीब ₹60 की बढ़ोतरी देखी गई है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹853 से बढ़कर लगभग ₹913 हो गई है। इसके अलावा 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत भी करीब 15 बढ़ा दी गई है।
उपभोक्ताओं के लिए सलाह
- पेट्रोत-डीजल की कीमतों पर नजर रखें छोटे बदलाव भी हो सकते हैं।
- एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग पहले से कर लें।
- वैकल्पिक ईंधन या ऊर्जा स्रोतों पर विचार करें।
- समाचारों और आधिकारिक बयानों पर भरोसा करें – अफवाहों से बचें।
अंतिम बात
मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। WTI 113 डॉलर और ब्रेट 114 डॉलर के पार पहुंबने से भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर दबाव बढ़ रहा है। सरकार ने फिलहाल पेट्रोल-डीजल में बढ़ोतरी से इनकार किया है, लेकिन एलपीजी की कीमतों में पहले ही ₹60 का इजाफा हो चुका है। पाकिस्तान में पेट्रोल 335 PKR प्रति लीटर पहुंच गया है।
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