New GST Rates: खुदरा महंगाई (Retail Inflation) में आने वाले वित्त वर्ष 2026-27 में उछाल आने की संभावना है। क्रिसिल की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, खाने पीने की कीमतों में तेजी के चलते खुदरा महंगाई 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष 2025-26 ने यह दर 2.5% रहने का अनुमान है। यह अनुमान खाद्य महंगाई के मौजूदा निचले स्तर से सामान्य होने की वजह से लगाया गया है। मुख्य बजह कम आधार प्रभाव (low base effect) है।
खाद्य महंगाई का सामान्य होना और कम आधार प्रभाव
क्रिसिल रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि वर्तमान खाद्य महंगाई का स्तर काफी कम है। पिछले कुछ महीनों में सब्जियों, अनाज और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी आई है। लेकिन यह कमी अब धीरे-धीरे सामान्य स्तर पर पहुंच रही है। जब महंगाई पिछले साल के निचले स्तर से ऊपर जाती है, तो आधार प्रभाव (base effect) की वजह से महंगाई दर में तेज उछाल दिखाई देता है। यही कारण है कि वित्त वर्ष 2026-27 में खुदरा महंगाई में 1.8% की बढ़ोतरी का अनुमान है।
नई CPI श्रृंखला में खाद्य वस्तुओं का वजन कम हुआ
रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण बात बताई गई है कि, मुद्रास्फीति की नई श्रृंखला (new CPI series) में खाद्य वस्तुओं का वजन काफी कम हो गया है। पुरानी श्रृंखला में खाद्य वस्तुओं का वजन 45-46% था, जो नई श्रृंखला में घटकर 36.75% रह गया है।
इसका मतलब: खाद्य महंगाई में होने वाली बढ़ोतरी का असर हेडलाइन खुदरा महंगाई पर अब उतना तेज नहीं होगा जितना पुरानी श्रृंखला (Old Series) में होता था।
वित्त वर्ष 2025-26 के पहले 9 महीनों में मुख्य महंगाई तेजी से बढ़ी
रिपोर्ट में बताया गया है कि वित्त वर्ष 2025-26 के पहले 9 महीनों में हेडलाइन मुद्रास्फीति की तुलना में मुख्य महंगाई दर ज्यादा तेजी से बढ़ी है। इसका मुख्य कारण सोने और चांदी की कीमतों में भारी उछाल रहा है। मुख्य महंगाई वह महंगाई है, जिसमें खाद्य और बिजली जैसी अस्थिर वस्तुओं को शामिल नहीं किया जाता है। सोने-चांदी की कीमतों में तेजी से मुख्य महंगाई बढ़ी है, लेकिन खाद्य महंगाई में कमी के कारण हेडलाइन महंगाई पर ज्यादा असर नहीं पड़ा।
नई श्रृंखला का असर और महंगाई पर नियंत्रण
नई CPI श्रृंखला में खाद्य वस्तुओं का वजन कम होने से महंगाई की गणना में स्थिरता आई है। मुख्य महंगाई का भार बढ़ने से हेडलाइन महंगाई पर इसका असर मजबूत हुआ है। इससे खुदरा मुद्रास्फीति में होने वाली बढ़ोतरी को सीमित रखने में मदद मिलेगी। क्रिसिल की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि खाद्य महंगाई के सामान्य होने से महंगाई में बढ़ोतरी होगी, लेकिन नई श्रृंखला और गैर-खाद्य महंगाई के स्थिर रहने से यह बढ़ोतरी नियंत्रित रहेगी।
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