PM Kisan Yojana की 22वीं किस्त इंतजार कर रहे किसानों के लिए केंद्र सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने मार्केटिंग सत्र 2026-27 के लिए कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 275 रुपये प्रति किंटल बढ़ाकर 5,925 रुपये प्रति किंटल करने को मंजूरी दे दी। यह निर्णय मोदी सरकार के नए कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में CCEA की पहली बैठक में लिया गया।
CCEA की पहली बैठक का महत्व
यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए कार्यालय सेवा तीर्थ’ में हुई। CCEA की यह पहली बैठक थी और इसमें कच्चे जूट के MSP के अलावा अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। इस बैठक से यह संकेत मिलता है कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को गंभीरता से ले रही है। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार का सिद्धांत है कि MSP उत्पादन लागत से कम से कम 1.5 गुना हो। यह सिद्धति 2018-19 के बजट में घोषित किया गया था और लगातार लागू किया जा रहा है।
MSP में वृद्धि का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य
कच्चे जूट का MSP 2014-15 में 2,400 रुपये प्रति किंटल था। 2026-27 के लिए 5,925 रुपये तक पहुंचना पिछले 12 वर्षों में हुई निरंतर बढ़ोतरी का परिणाम है। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि वित्त वर्ष 2014-15 से 2025-26 के दौरान जूट उत्पादक किसानों को MSP के माध्यम से कुल 1,342 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वहीं 2004-05 से 2013-14 की अवधि में यह राशि केवल 441 करोड़ रुपये थी। यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि मोदी सरकार के कार्यकाल में जूट किसानों के लिए MSP आधारित समर्थन में तीन गुना से अधिक वृद्धि हुई है।
STORY | Govt raises MSP for raw jute to Rs 5,925 per quintal for 2026-27 season
— Press Trust of India (@PTI_News) February 24, 2026
The Union Cabinet on Tuesday approved a hike in the Minimum Support Price (MSP) of raw jute by Rs 275 to Rs 5,925 per quintal for the marketing season 2026-27.
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नया MSP कैसे तय हुआ?
CCEA ने नया MSP तय करते समय तीन मुख्य बातों पर ध्यान दियाः
- औसत उत्पादन लागत (A2+FL): MSP उत्पादन लागत से कम से कम 50 प्रतिशत अधिक होना चाहिए (2018-19 बजट में घोषित सिद्धांत)।
- बाजार भाव का संतुलनः किसानों को न्यूनतम गारंटीड मूल्य मिले, लेकिन बाजार में कृत्रिम संकट न आए।
- जूट उद्योग की स्थिरता: जूट किसानों के साथ-साथ जूट मिलों और निर्यातकों को भी संतुलित लाभ मिले।
जूट किसानों के लिए अन्य सरकारी योजनाएं
MSP के अलावा केंद्र सरकार जूट किसानों को अन्य योजनाओं से भी लाभ दे रही है, जैसे पीएम किसान सम्मान निधि योजना से 6,000 रुपये, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत जूट के लिए विशेष पैकेज, जूट टेक्नोलॉजी मिशन के तहत बेहतर बीज और तकनीक और बाजार पहुंच के लिए e-NAM और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म।
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