PM Modi On LPG: इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध का आज 24वां दिन है। इस संघर्ष का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। भारत भी इस स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए है। लोकसभा में अपनी बात रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह युद्ध लंबा खिंच सकता है और हमें कोविड संकट की तरह तैयार और एकजुट रहना होगा।
पीएम मोदी क्या बोले?
पीएम मोदी ने संसद में स्पष्ट शब्दों में कहा, “हम कोविड के समय भी ऐसी चुनौती का सामना कर चुके हैं। हम भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए वैकल्पिक उपाय भी तलाश रहे हैं।” उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि हालात का फायदा उठाने वाले जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “जहां से भी ऐसी शिकायतें सामने आएं, वहां तुरंत और सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। जब देश की हर सरकार और हर नागरिक मिलकर साथ चलेंगे तो हम हर चुनौती को चुनौती दे सकते हैं।” उन्होंने धैर्य, संयम और शांत मन से चुनौतियों का मुकाबला करने की बात भी कही।
ऊर्जा सुरक्षा पर पीएम का फोकस
प्रधानमंत्री ने इस युद्ध के भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमारी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए वैकल्पिक स्रोतों की तलाश जारी है। यह बयान ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल और गैस टैंकरों पर खतरा मंडरा रहा है और भारत अपनी एलपीजी और कच्चे तेल की आपूर्ति का बड़ा हिस्सा मध्य पूर्व से आयात करता है।
युद्ध का भारत पर असर और सरकार की तैयारियां
इजराइल-ईरान युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। भारत में भी एलपीजी और अन्य ईंधनों की आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। सरकार ने पहले ही वैकल्पिक मार्गों से आयात बढ़ाने और स्टॉक की स्थिति मजबूत रखने के निर्देश दिए हैं। पीएम मोदी का बयान इसी संदर्भ में आया है कि हम किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं।
PM Modi in his speech in the Lok Sabha, about the effects of the West Asia war in India, noted that 60% of LPG in India imported, hence the govrenment is “giving priority to domestic use”.#DNAUpdates | #PMModi | #LokSabha | #USIsraelIranWar | #LPG pic.twitter.com/2lhK2NyvjN
— DNA (@dna) March 23, 2026
अंतिम बात
लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइल-ईरान युद्ध के लंबे चलने की आशंका जताते हुए कहा कि हमें कोविड जैसी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार और एकजुट रहना होगा। उन्होंने जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई का संकेत दिया और राज्य सरकारों से कड़ी निगरानी रखने का आग्रह किया। यह बयान वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति में भारत की ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और सामाजिक एकजुटता पर केंद्रित है। सरकार का फोकस वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत तलाशने और आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाने पर है।