Ration Card Update 2026: मध्य प्रदेश में राशन वितरण प्रणाली में बड़े पैमाने पर अपात्र लाभार्थियों की पहचान हुई है। खाद्य और रसद विभाग द्वारा आयकर विभाग के डेटाबेस से मिलान करने पर जिले में करीब 30,000 ऐसे उपभोक्ता मिले हैं जिनके द्वारा आयकर रिटर्न भरा जाता है और उनके नाम पर राशन कार्ड भी पंजीकृत है। विभाग ने इन अपात्र कार्डधारकों के राशन कार्ड निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह सिलसिला अभी भी जारी है। जिले में कुल 3,77,376 राशन कार्ड धारक हैं, जिनमें नगर क्षेत्र में 63,753 और ग्रामीण क्षेत्र में 3,13,623 कार्डधारक शामिल हैं।
अपात्रता की मुख्य वजहें
विभाग के अनुसार राशन कार्ड जारी करने के लिए आयकर सीमा तय की गई है। नगर क्षेत्र के लिए आयकर सीमा 3 लाख रुपये ओर ग्रामीण क्षेत्र के लिए 2 लाख रुपये है।
जिन लोगों के पास चार पहिया वाहन, बड़ा मकान, प्लॉट या अन्य संसाधन हैं और वे आयकर रिटर्न भरते हैं, वे अपात्र माने जाते हैं। फिर भी उन्होंने राशन कार्ड बनवा रखा था और सरकारी योजना का लाभ ले रहे थे। विभाग ने अब इन अपात्र कार्डधारकों की पहचान कर उनके कार्ड निरस्त करने का अभियान चलाया है।
जिले में कार्डधारकों की संख्या
- कुल राशन कार्ड धारक: 3,77,376
- नगर क्षेत्रः 63,753 कार्डधारक (27,000 से ज्यादा यूनिट)
- ग्रामीण क्षेत्रः 3,13,623 कार्डधारक (1,23,000 से ज्यादा यूनिट)
सरकार सख्त होने की कारण
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को रास्ता सशन उपलब्ध कराने के लिए सरकार बड़ी राशि खर्च करती है। लेकिन जांच में पता चला कि कई सक्षम लोग फर्जी या गलत जानकारी देकर राशन कार्ड बनवा लेते हैं। यह फर्जीवाड़ा वास्तविक गरीबों के हक का अतिक्रमण है। इसलिए खाद्य और रसद विभाग ने आयकर डेटाबेस से मिलान कर अपात्रों की पहचान शुरू की है।
क्या करें अगर आपका नाम अपात्र सूची में है?
- अगर आपको नोटिस मिलता है तो संबंधित खाद्य और रसद कार्यालय में संपर्क करें।
- आवश्यक दस्तावेज (आय प्रमाण, बैंक विवरण, संपत्ति विवरण आदि) के साथ अपना पक्ष रखें।
- सत्यापन के दौरान अगर आप पात्र साबित होते हैं तो कार्ड बरकरार रखा जा सकता है।
अंतिम बात
मध्य प्रदेश में राशन कार्ड अपात्र निरस्तीकरण की कार्रवाई तेज हो गई है। आयकर रिटर्न भरने वाले 30,000 से ज्यादा उपभोक्ताओं के राशन कार्ड निरस्त किए जा रहे हैं। जिले में कुल 3,77,376 राशन कार्ड धारक हैं, जिनमें नगर क्षेत्र में 63,753 और ग्रामीण क्षेत्र में 3,13,623 कार्डधारक शामिल हैं। विभाग का साफ संदेश है कि राशन कार्ड योजना केवल गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए है। फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।