- मुंबई स्थित अंधेरी वेस्ट स्ट्रीट मार्केट में ₹826 ठगी यूपीएससी पेमेंट से अकाउंट बंद।
- पुलिस के जांच में पता चला कि दुकानदार का इसमें कोई हाथ नहीं था।
नमस्कार साथियों: मुंबई स्थित अंधेरी वेस्ट स्ट्रीट मार्केट में घरेलू सामान बेचने की दुकान है, किसी अंजान ने कुछ सामान लिया और ₹826 यूपीआई (UPI) कर दी कुछ दिन बाद ही खाता बंद हो गया बैंक गए तो पता चला की खाते में ठगी रकम आई है। इसलिए बंद कर दिया गया है, अब डेढ़ महीने से परेशान है खाता चालू नहीं किया जा रहा है इस वजह से दुकानदारी प्रभावित हो गई है। तो हम इसमें इसके बारेमें बताए हुए हे।
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इस ठगी हुई हे मुंबई में रहने वाले सुधीर की, सुधीर के अनुसार यूपीआई से आई रकम कैसे पता चलेगा कि यह ठगी की है या फिर किसी के वेतन से आया हे। पुलिस जांच में सामने आया है कि पीड़ित का ठगी के मामले से दूर-दूर तक कई लेना देना नहीं है। पुलिस ने उनकी बैंक को पत्र लिखकर खाता रिओपन (reopen) करने का आग्रह किया है। यह पीड़ा केबल सुधीर की नहीं है बल्कि देशभर के अलग-अलग राज्यों के 36,000 से ज्यादा लोगों का हे।
फरीदाबाद के एनआईटी में 24 अक्टूबर 2025 को एक शाखा के पास साथ हुई 4.43 करोड़ की ठगी के वजह से 36,000 खाते ब्लॉक कर दिए गए। इसमें 9 लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है क्योंकि यह खाता धारा के और इन्हें ठगी का मिली भगत पाया जा चुका हे।
इसके ओर कुछ साथी को पुलिस तलाश कर रहा हे लेकिन बाकी अधिकतर खाता धारकों को पता नहीं है कि जो उनके खाते में पैसा आया हे ओ ठगी के हैं। उधर बिचारे ठगी का मामला दर्ज करने वाले पीड़ित को एक भी रुपया नहीं मिल सका हे। उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, मुंबई, बंगाल, गुजरात, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक, मुंबई समेद अन्य राज्यों से एनआईटी साइबर थाने में फोन आ रहे हैं।
कई लोग यहां आकर पुलिस से बैंकों को पत्र भिजवाकर खाता रिओपन करने की गुहार लगा चुके हैं। एनआईटी थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार के अनुसार साइबर ठगी होने पर लोग राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर देते हैं। इसके बाद गृह मंत्रालय द्वारा पीड़ित के साथ हुई ठगी की रकम जिस जिस खाते में जाती है उसे ब्लॉक कर दिया जाता है।
इनमें कई लोग तो ऐसे हैं जो दुकानदार है, पेट्रोल पंप मालिक है, रेडी वाले हैं या अन्य काम करते हैं इस हफ्ते 10 से 12 लोग फोन कर रहे हैं। यहां भी कई लोगों की परेशानी यह बताई जा रही है कि उनके खाते में मात्र ₹200 यूपीआई से आए थे और काफी लोग ऐसे भी है जिन्हें अपना खाता खुलवाने के लिए हाई कोर्ट की शरण लेनी पड़ गई है।
लोग कहते हैं कि खाता ब्लॉक करने से पहले जांच होनी चाहिए ताकि असलियत सामने आ सके। वैसे भी आम दुकानदार को कैसे पता चलेगा कि यूपीआई से ट्रांसफर की गई रकम ठगी की है। पुलिस इस मामले में लखनऊ सीतापुर में हिमांशु गौरव और इसी के साथ ही कई और लोगों की शिकायत भी दर्ज किए हे। कई लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुकी हे। तो इए था आज का ताजा अपडेट नमस्कार साथियों।
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