PM Awas Yojana Update: प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) के तहत बिहार में अब तक वंचित गरीब परिवारों का पक्का घर बनाने का सपना जल्द साकार होने वाला है। ग्रामीण विकास विभाग ने आवास प्लस 2.0 के अंतर्गत लाभार्थियों का सत्यापन कार्य पूरा कर लिया है। अब शीघ्र ही प्राथमिक सूची तैयार करके वित्त वर्ष 2026-27 में भारत सरकार से प्राप्त लक्ष्य के आधार पर आवास आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
1 करोड़ 4 लाख नए परिवार शामिल
राज्य में 1 करोड़ 4 लाख परिवारों को प्रतीक्षा सूची में जोड़ा गया है और इनका सत्यापन कार्य भी पूरा हो चुका है। प्राथमिकता सूची के आधार पर ही इन लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जाएगा। सर्वे और सत्यापन का काम पूरा होने के बाद सूची स्वीकृति के लिए भारत सरकार को भेज दी गई है। स्वीकृति मिलते ही आवास आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
बिहार की उपलब्धियांः देश में पहला स्थान
2016-17 से 2021-22 के बीच बिहार ने 3,61,000 गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराकर देश में पहला स्थान हासिल किया था।
2022 से 2025 के बीच 2,88,743 परिवारों को आवास उपलब्ध कराया गया।
योजना के तहत कितनी सहायता मिलती है?
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत प्रत्येक पात्र लाभार्थी परिवार को कुल ₹1,54,950 की सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। इसमें शामिल हैं:
- मनरेगा के तहत 90 दिनों की मजदूरी: ₹22,950
- शौचालय निर्माणः ₹12,000
- आवास निर्माण के लिए: ₹1,20,000
आगे की प्रक्रिया
- प्राथमिक सूची तैयार करने के बाद आवास आवंटन शुरू होगा।
- वित्त वर्ष 2026-27 में केंद्र सरकार से प्राप्त लक्ष्य के आधार पर नए आवास स्वीकृत किए जाएंगे।
- लाभार्थी सूची में नाम आने के बाद तीन किस्तों में राशि उनके खाते में आएगी।
- निर्माण कार्य की निगरानी के लिए ग्राम पंचायत और जिला स्तर पर व्यवस्था की गई है।
लाभार्थियों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- जिन परिवारों का नाम प्रतीक्षा सूची में है, उनका सत्यापन हो चुका है।
- सूची स्वीकृति के बाद आवास आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी।
- लाभार्थियों को बैंक खाता, आधार और अन्य दस्तावेज अपडेट रखने चाहिए।
- निर्माण के दौरान गुणवत्ता बनाए रखने के लिए स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करें।
अंतिम बात
बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत अब तक 39 लाख 49 हजार 743 परिवारों को पक्का घर मिल चुका है। आवास प्लस 2.0 के अंतर्गत 1 करोड़ 4 लाख नए परिवारों का सत्यापन पूरा हो चुका है। प्राथमिक सूची तैयार होने के बाद शीघ्र ही नए आवासों का आवंटन शुरू होगा। यह योजना बिहार के ग्रामीण गरीबों के लिए पक्के घर का सपना साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।