West Bengal: शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने तत्काल प्रभाव से कई बड़े प्रशासनिक फैसले लिए हैं। राज्य के गैर-संवैधानिक निकायों, बोर्डों, संगठनों और सार्वजनिक उपक्रमों में नियुक्त सभी मनोनीत सदस्यों, निदेशकों और अध्यक्षों का कार्यकाल खत्म कर दिया गया है।
60 साल की उम्र के बाद एक्सटेंशन भी बंद
60 साल की सामान्य सेवानिवृत्ति उम्र के बाद एक्सटेंशन या री-अपॉइंटमेंट पर काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं भी तुरंत समाप्त कर दी गई हैं।
यह फैसला नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक के बाद लिया गया।
सीमा पर फेंसिंग को मंजूरी
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के लिए बीएसएफ को जमीन ट्रांसफर करने की मंजूरी दे दी गई है।
यह प्रक्रिया 11 मई से शुरू होगी और 45 दिनों के अंदर पूरी कर ली जाएगी।
केंद्र की योजनाएं लागू
राज्य में केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना को लागू करने का फैसला लिया गया है।
केंद्र की अन्य योजनाओं को भी राज्य में लागू किया जाएगा।
सरकारी स्कूलों में उम्र सीमा बढ़ाई
कैबिनेट ने सरकारी स्कूलों में नौकरी के लिए आवेदन करने वालों की आयु सीमा में 5 साल की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है।
यह वादा चुनाव के दौरान अमित शाह ने किया था।
नई आपराधिक कानून लागू
पिछली ममता बनर्जी सरकार ने भारतीय न्याय संहिता (नए आपराधिक कानून) को लागू नहीं किया था।
नई सरकार ने इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने का फैसला लिया है।
जनगणना अधिसूचना भी लागू
जून 2025 की जनगणना संबंधी केंद्र सरकार की अधिसूचना को पिछली सरकार ने नजरअंदाज कर दिया था।
अब इसे तुरंत लागू किया जाएगा।
शुभेंदु सरकार का पहला बड़ा एक्शन
बीजेपी सांसद राजू बिस्तर ने सोशल मीडिया पर बताया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में लिया गया यह फैसला बहुत जरूरी था।
विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, बोर्डों और गैर-संवैधानिक निकायों में भरे गए सभी नामित पदों को तत्काल खत्म कर दिया गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला
नई सरकार साफ संदेश दे रही है — पुरानी अनियमितताओं को साफ किया जाएगा।
60 साल के बाद एक्सटेंशन लेने वाले अधिकारियों की सेवाएं खत्म करने का फैसला भी इसी दिशा में है।
क्या-क्या बदलेगा
- गैर-संवैधानिक निकायों में मनोनीत लोगों का कार्यकाल खत्म।
- 60+ उम्र के एक्सटेंशन वाले अधिकारियों की सेवाएं समाप्त।
- केंद्र की योजनाओं को राज्य में लागू करना।
- सरकारी स्कूलों में भर्ती के लिए उम्र सीमा बढ़ाना।
- नए आपराधिक कानून लागू करना।
- जनगणना अधिसूचना को अमल में लाना।
- सीमा सुरक्षा के लिए बीएसएफ को जमीन ट्रांसफर।
क्या कह रहे हैं लोग
सामान्य जनता में इस फैसले का स्वागत हो रहा है। कई लोग कह रहे हैं कि सालों से चली आ रही मनमानी अब रुकेगी। विशेष रूप से 60 साल के बाद एक्सटेंशन लेने वाले अधिकारियों पर लगाम कसने का फैसला काफी चर्चा में है।
आगे क्या
नई सरकार का फोकस प्रशासनिक सुधार, केंद्र की योजनाओं को लागू करने और सीमा सुरक्षा पर है। अगले कुछ दिनों में और भी फैसले आने की उम्मीद है। शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने शुरुआत से ही सख्त और निर्णायक रुख अपनाया है।
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