Ebola Virus: नए स्ट्रेन का कहर, इबोला वैक्सीन आने में 9 महीने – WHO ने जारी की इमरजेंसी

Published On: May 27, 2026

Ebola Virus: मध्य अफ्रीका के डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इबोला का नया प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। इस बार जो स्ट्रेन फैल रहा है, वो पहले से अलग और ज्यादा खतरनाक है। WHO ने इसे पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है।

नई चिंता इस बात की है कि इस स्ट्रेन (बुंडीबुग्यो) के लिए कोई पक्का इलाज या वैक्सीन अभी उपलब्ध नहीं है। नई वैक्सीन आने में 6 से 9 महीने लग सकते हैं।

कैसे फैलता है ये वायरस

ईबोला हवा से नहीं फैलता। ये संक्रमित व्यक्ति के खून, उल्टी, दस्त या दूसरे शारीरिक तरल पदार्थों के सीधे संपर्क से फैलता है। लेकिन तेजी से फैलने की वजह से खतरा बहुत ज्यादा है।

भारत ने लिया सख्त एक्शन

भारत में अभी तक कोई केस नहीं आया है, लेकिन सरकार ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। DGCA ने सभी एयरलाइंस को सख्त निर्देश जारी किए हैं। अफ्रीका के प्रभावित इलाकों से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग होगी।

एयरलाइंस को क्या करना होगा

  • यात्रियों से सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म भरवाना।
  • अगर किसी में बुखार, कमजोरी, सिरदर्द, उल्टी या दस्त जैसे लक्षण हों तो उसे विमान के पीछे की तरफ बैठाना।
  • संदिग्ध यात्री वाले विमान को अलग जगह पर पार्क करना।
  • क्रू को तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सूचित करना।

यात्री क्या करें

भारत आने वाले यात्रियों को 21 दिनों तक सतर्क रहना होगा। अगर इनमें कोई लक्षण दिखे तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए और एयरपोर्ट हेल्थ यूनिट को सूचित करना चाहिए।

क्या है असली खतरा

यह वायरस पहले भी आ चुका है, लेकिन इस बार का स्ट्रेन नया है। पुरानी वैक्सीन इस पर कितनी असरदार होगी, अभी साफ नहीं है। WHO की टीम मैदान में काम कर रही है। लेकिन संक्रमण तेजी से फैल रहा है।

भारत में सावधानी क्यों जरूरी

भारत में रोज हजारों यात्री अफ्रीका से आते हैं। एयर इंडिया, इंडिगो, कतर, एमिरेट्स जैसी एयरलाइंस इन रूट्स पर उड़ान भरती हैं। इसलिए पहले से सिस्टम तैयार रखा गया है।

लोगों को क्या करना चाहिए

  • अफ्रीका के प्रभावित इलाकों से आने वाले रिश्तेदारों या दोस्तों से संपर्क में सावधानी बरतें।
  • कोई लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • अनावश्यक अफवाहों पर ध्यान न दें।

सरकार की तैयारी

स्वास्थ्य मंत्रालय और DGCA ने मिलकर प्रोटोकॉल तैयार किया है। एयरपोर्ट्स पर मेडिकल टीम्स अलर्ट पर हैं। अगर कोई संदिग्ध केस आता है तो उसे अलग रखकर जांच की जाएगी।

पिछले अनुभव से सबक

कोविड काल में हमने देखा कि तैयारी कितनी जरूरी होती है। सरकार उसी अनुभव को ध्यान में रखकर काम कर रही है। अभी घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना बहुत जरूरी है।

अंत में

इबोला का नया प्रकोप अफ्रीका में तेजी से फैल रहा है। भारत में अभी कोई खतरा नहीं है, लेकिन सावधानी बरतनी होगी।

सरकार ने पहले से एक्शन ले लिया है। आप भी अगर अफ्रीका से आने वाले किसी यात्री से संपर्क में हैं तो थोड़ी सतर्कता रखें। लक्षण दिखे तो तुरंत मेडिकल मदद लें।

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Ashutosh Behera

I am Ashutosh, graduate complete in electrical engineering. i am staying in Jagatsinghpur, Odisha, belong in village, this is my website.

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