पिछले 10 दिनों में चौथी बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ गए हैं। आम लोगों पर महंगाई का बोझ और भारी हो गया है। मुंबई और आसपास के इलाकों में पीएनजी और सीएनजी देने वाली महानगर गैस लिमिटेड ने भी सपोर्ट स्कीम और सब्सिडी बंद कर दी है। लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
क्या हुआ ठीक-ठीक
तेल कंपनियों ने पेट्रोल में 2.61 रुपये और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी की। दिल्ली में पेट्रोल अब 102.12 रुपये लीटर हो गया। डीजल 95.20 रुपये। मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये पहुंच गया। कोलकाता और चेन्नई में भी कीमतें 100 रुपये के करीब हैं।
11 दिन में कुल बढ़ोतरी करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर हो चुकी है।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम
ईरान में तनाव के चलते वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई। कच्चे तेल की कीमतें ऊपर चढ़ीं। रुपया भी कमजोर रहा। तेल कंपनियां लंबे समय से घाटे में चल रही थीं। पहले ₹3 बढ़ाकर भी नुकसान पूरा नहीं हुआ तो फिर बढ़ाना पड़ा।
सरकारी कंपनियां अभी भी पेट्रोल, डीजल और एलपीजी घाटे में बेच रही हैं। रोजाना 700-800 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
आपकी जिंदगी पर असर
ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सब्जी, दूध, राशन और रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं। टैक्सी, ऑटो और डिलीवरी वाले किराया बढ़ाने की बात कर रहे हैं। ऑफिस जाने वाले, छोटे कारोबारी और ट्रांसपोर्टर सबसे ज्यादा परेशान हैं।
सीएनजी और घरेलू गैस भी महंगी हो चुकी है। कई जगहों पर लोग अब पैदल चलने या बस का सहारा ले रहे हैं।
लोग क्या कह रहे हैं
दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों में लोग गुस्से में हैं। पहले गर्मी ने परेशान किया, अब ईंधन महंगा हो गया। कई परिवार अपना बजट दोबारा बना रहे हैं। छोटे वाहन चालक कह रहे हैं कि पहले से कमाई कम है, अब ये बढ़ोतरी और दबाव डाल रही है।
सरकार और कंपनियां क्या कह रही हैं
सरकार ने पहले कीमतें नहीं बढ़ाईं क्योंकि चुनाव चल रहे थे। अब अंतरराष्ट्रीय हालात के चलते बढ़ोतरी हुई। तेल कंपनियां कह रही हैं कि घाटा बहुत ज्यादा हो गया था।
प्रधानमंत्री ने लोगों से फ्यूल बचाने की अपील की थी। वर्क फ्रॉम होम बढ़ाने और अनावश्यक यात्रा कम करने की सलाह दी गई।
आप क्या कर सकते हो
जितना हो सके पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करो।
कारपूलिंग करो।
एसी और कूलर का इस्तेमाल कम करो।
बिजली और पानी बचाओ।
छोटी-छोटी बचत से महीने का खर्चा कुछ कम किया जा सकता है।
आगे क्या हो सकता है
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा रहा तो और बढ़ोतरी हो सकती है। विशेषज्ञ कह रहे हैं कि महंगाई और बढ़ने वाली है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सब चीजों पर असर पड़ेगा।
अंत में
पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतें आम आदमी को परेशान कर रही हैं। 11 दिन में सात रुपये का इजाफा कोई छोटी बात नहीं है।
सरकार से उम्मीद है कि जल्द कोई राहत दे। लेकिन तब तक तुम अपना खर्चा संभालकर चलो। गर्मी के साथ महंगाई भी सता रही है। सावधानी से गुजरना पड़ेगा।
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