FasTag New Rules: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 24 अप्रैल 2026 को घोषणा की कि दिसंबर 2026 तक देश के कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर बैरियर फ्री टोलिंग व्यवस्था शुरू हो जाएगी। इससे टोल प्लाजा पर रुकना, लंबी कतारों में खड़े होना और बार-बार ब्रेक लगाना समाप्त हो जाएगा। सड़क यात्रा करने वाले हर व्यक्ति के लिए यह बदलाव राहत लेकर आएगा। खासकर लंबी दूरी तय करने वाले ड्राइवरों, ट्रक ऑपरेटरों और परिवारों के लिए यात्रा अब तेज, सुगम और कम तनावपूर्ण हो सकेगी।
बैरियर फ्री टोलिंग क्या है और क्यों जरूरी?
बैरियर फ्री टोलिंग में वाहन टोल प्लाजा पर बिना रुके 70-80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजर सकेंगे। टोल का भुगतान ऑटोमैटिक तरीके से होगा। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि इस सिस्टम से समय बचेगा, ईंधन की बचत होगी और लॉजिस्टिक लागत कम होगी। यह व्यवस्था पारदर्शी, समयबद्ध और टेक्नोलॉजी आधारित है। वाहन की पहचान होते ही तय दूरी के अनुसार टोल राशि बैंक अकाउंट से कट जाएगी। इससे ट्रैफिक जाम, ईंधन की बर्बादी और अनावश्यक ब्रेकिंग रुक जाएगी।
बैरियर फ्री टोलिंग कैसे काम करेगा?
- FASTag: ज्यादातर वाहनों में पहले से लगा हुआ RFID आधारित टैग।
- ANPR कैमरा: ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन कैमरा, जो गाड़ी का नंबर हाई स्पीड में पढ़ लेगा।
- AI एनालिटिक्स: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पूरे सिस्टम को स्मार्ट बनाएगा और सटीक पहचान सुनिश्चित करेगा।
लॉजिस्टिक लागत कम करने में कितनी मदद?
भारत में लॉजिस्टिक लागत (माल ढुलाई का खर्च) पहले 16 प्रतिशत के आसपास थी। सरकार का लक्ष्य इसे एक अंक यानी 10 प्रतिशत से नीचे लाना है। विकसित देशों में अमेरिका और यूरोप में यह करीब 12 प्रतिशत है, जबकि चीन में 8 से 10 प्रतिशत के बीच। बैरियर फ्री टोलिंग इस लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी। बिना रुके माल की आवाजाही से ट्रक ड्राइवरों का समय बचेगा, ईंधन खपत घटेगी और कुल परिवहन लागत कम होगी।
यात्रियों और ट्रक ड्राइवरों को क्या फायदा?
- समय की बचत: टोल प्लाजा पर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
- ईंधन बचत: बार-बार रुकने-चलने से बचत होगी।
- आरामदायक यात्रा: परिवार के साथ लंबी ड्राइव अब ज्यादा आनंददायक हो सकेगी।
- ट्रक ऑपरेटरों के लिए: कम लागत, तेज डिलीवरी और बेहतर मुनाफा।
आगे की राह
सरकार दिसंबर 2026 तक कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर यह व्यवस्था लागू करने की योजना बना रही है। शुरू में चुनिंदा हाईवे पर पायलट प्रोजेक्ट चलेंगे, फिर धीरे-धीरे विस्तार होगा। सफलता के लिए FASTag को अपडेट रखना, ANPR कैमरों की सटीकता सुनिश्चित करना और AI सिस्टम को मजबूत बनाना जरूरी होगा। आम नागरिकों को भी FASTag लिंक्ड बैंक अकाउंट को सक्रिय रखना चाहिए ताकि टोल स्वचालित रूप से कट सके।