IRCTC New Rules: ट्रेनों और स्टेशनों पर इंडक्शन से खाना पकाने की तैयारी

Published On: June 11, 2026

IRCTC New Rules: पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से गैस आपूर्ति पर दबाव पड़ा है। इसका असर अब ट्रेनों की खानपान व्यवस्था पर भी दिख रहा है। IRCTC ने कई ट्रेनों और स्टेशनों पर इंडक्शन और बिजली आधारित खाना पकाने की व्यवस्था तेजी से लागू कर दी है।

क्यों लिया यह फैसला

हर दिन 1400 ट्रेनों में IRCTC लगभग 17 लाख यात्रियों को भोजन पहुंचाता है। पहले यह सब गैस पर निर्भर था। लेकिन गैस सिलेंडरों की उपलब्धता प्रभावित होने के बाद रेलवे को नया रास्ता ढूंढना पड़ा। अब एलएचबी पेंट्री कारों में इंडक्शन कुकिंग सिस्टम लगाए जा रहे हैं।

कितना बदलाव आया

रिपोर्ट्स के मुताबिक अब रेलवे नेटवर्क में तैयार होने वाले भोजन का करीब 60% हिस्सा बिजली से पकाया जा रहा है। वंदे भारत, राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी ट्रेनों में यह बदलाव सबसे पहले लागू किया गया। कई बड़े स्टेशनों के फूड प्लाजा, जन आहार और रिफ्रेशमेंट रूम में भी इंडक्शन कुकर और माइक्रोवेव की संख्या बढ़ाई गई है।

क्या फायदा हुआ

इससे कमर्शियल LPG सिलेंडरों की खपत कम हुई है। पहले रोजाना सैकड़ों सिलेंडर की जरूरत पड़ती थी। अब गैस पर निर्भरता घटने से आपूर्ति की दिक्कतों का सामना करना आसान हो गया है।

यात्रियों पर क्या असर

यात्रियों को भोजन की उपलब्धता पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। IRCTC का कहना है कि बिजली आधारित सिस्टम से खाना पकाने की गति भी बढ़ी है और स्वच्छता भी बेहतर हुई है। कई ट्रेनों में चलती हुई गाड़ी में अब बिजली से ही भोजन तैयार किया जा रहा है।

रेलवे की तैयारी

रेलवे अधिकारियों ने साफ कहा है कि जहां भी बिजली की सुविधा उपलब्ध है, वहां गैस की जगह बिजली वाले उपकरणों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे न सिर्फ ईंधन की बचत हो रही है बल्कि आपूर्ति संबंधी जोखिम भी कम हुए हैं।

क्यों बढ़ी समस्या

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और सप्लाई चेन में रुकावट ने गैस की कीमतों और उपलब्धता दोनों को प्रभावित किया। भारत जैसे बड़े आयातक देश में इसका असर सीधे दिख रहा है। रेलवे ने इसे देखते हुए जल्दी एक्शन लिया।

अभी क्या हो रहा है

कई पेंट्री कारों में इंडक्शन सिस्टम लग चुका है। स्टेशनों पर भी बदलाव तेजी से हो रहा है। IRCTC का लक्ष्य है कि आने वाले समय में गैस पर निर्भरता को और कम किया जाए।

यात्रियों के लिए सलाह

ट्रेन में खाना ऑर्डर करते समय थोड़ा धैर्य रखें। नई व्यवस्था में कभी-कभी थोड़ा समय ज्यादा लग सकता है, लेकिन कुल मिलाकर सेवा सुधर रही है।

अंत में

रेलवे ने गैस संकट को चुनौती की जगह अवसर में बदला है। बिजली आधारित खाना पकाने की तरफ बढ़ना न सिर्फ जरूरी था बल्कि भविष्य के लिए भी सही कदम है। यात्रियों को अब उम्मीद है कि भोजन की व्यवस्था और बेहतर होगी।

यह भी पढ़ें- Weather Update: मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है, कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

Ashutosh Behera

I am Ashutosh, graduate complete in electrical engineering. i am staying in Jagatsinghpur, Odisha, belong in village, this is my website.

Leave a Comment