UP Electricity Bill Rate: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त उपभोक्ताओं की शिकायतों का संज्ञान लिया है। ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने ओवरबिलिंग की समस्या की वास्तविक स्थिति जानने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आम उपभोक्ता स्वाभाविक रूप से ईमानदार होता है। अगर उसे समय पर सही बिल मिले तो वह भुगतान करने में कोई हिचक नहीं करता। उन्होंने निर्देश दिया कि अगर उपभोक्ता की कोई गलती नहीं है तो उसका बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाना चाहिए।
निर्विघ्न, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी विद्युत आपूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निर्विघ्न, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऊर्जा क्षेत्र में किए गए सुधारों का वास्तविक लाभ अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए विश्वसनीय आपूर्ति, तकनीकी दक्षता और जवाबदेही को आधार बनाकर कार्य किया जाए। उन्होंने स्मार्ट मीटरिंग, लाइन लॉस में कमी, उपभोक्ता सेवाओं के डिजिटलीकरण और राजस्व संग्रह में सुधार को तेज करने के निर्देश दिए।
बिलिंग प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिलिंग और भुगतान प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को समय पर और सटीक बिल उपलब्ध कराने के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को उपभोक्ता विश्वास के अनुरूप बनाने और शिकायतों के त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण पर विशेष बल दिया गया।
प्रदेश में विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या में भारी वृद्धि
बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश में विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या वर्ष 2017 के 1.65 करोड़ से बढ़कर 2026 में 3.71 करोड़ से अधिक हो गई है, जो लगभग 126 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।
इसी अवधि में विद्युत भार में लगभग 80 प्रतिशत और ऊर्जा बिक्री में 63 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में कुल ऊर्जा बिक्री 1.27 लाख मिलियन यूनिट और कनेक्टेड लोड 84,000 मेगावाट से ज्यादा है। घरेलू उपभोक्ता कुल कनेक्शनों का 87 प्रतिशत हैं, जबकि राजस्व में वाणिज्य और औद्योगिक वर्ग का योगदान सर्वाधिक है।
अंतिम बात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट बिजली मीटर से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लिया है और ओवरबिलिंग की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने विद्युत आपूर्ति को निर्विघ्न, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी बनाने तथा उपभोक्ता सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए कई ठोस निर्देश दिए हैं। ये कदम उपभोक्ताओं के हित में पारदर्शिता बढ़ाने और बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।