Rajasthan New Yojana: स्वयंसिद्धा आश्रम योजना शुरू, 483 से ज्यादा लाभान्वित

Published On: मई 6, 2026

Rajasthan New Yojana: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने बुजुर्गों और निराश्रितों के लिए खास योजना शुरू की है। स्वयंसिद्धा आश्रम योजना के तहत अब 483 से ज्यादा बुजुर्ग परिवार जैसा वातावरण पा रहे हैं। ये सिर्फ आश्रय नहीं, सम्मानजनक जीवन देने की कोशिश है।

योजना कितनी बड़ी है

17 जिलों में आश्रम चल रहे हैं अजमेर, बालोतरा, ब्यावर, भरतपुर, बीकानेर, चुरू, डीग, डीडवाना-कुचामन, जयपुर, जोधपुर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, कोटा, फलौदी, सलूम्बर, सीकर और उदयपुर। स्वयंसेवी संस्थाओं के जरिए ये आश्रम संचालित हो रहे हैं। 2024-25 के बजट में 50-50 क्षमता के आश्रमों की घोषणा हुई थी। 2025-26 में 10 नए जिलों में और विस्तार कर दिया गया।

यहां मिलता क्या है

आवास, पौष्टिक भोजन, कपड़े, चिकित्सा सुविधा, दवाइयां, मनोरंजन और सामाजिक गतिविधियां। बुजुर्ग दिन भर अकेले महसूस नहीं करते। यहां बातचीत होती है, गतिविधियां होती हैं, और सबसे जरूरी गरिमा के साथ जीने का मौका मिलता है।

पात्रता इस प्रकार है

पुरुषः 58 साल या उससे ज्यादा उम्र
महिला: 55 साल या उससे ज्यादा उम्म्र

आर्थिक मदद भी अच्छी

प्रति व्यक्ति हर महीने 3250 रुपये मेस भत्ता मिलता है। हर पांच साल में 10,000 रुपये का एकमुश्त अनुदान भी दिया जाता है। आश्रम चलाने वाले संस्थानों को भवन किराया और स्टाफ के वेतन की भी व्यवस्था है।

असर कितना हुआ

अभी 483 से ज्यादा बुजुर्ग इस योजना से जुड़ चुके हैं। कई ऐसे हैं जिनके पास न घर था, न सहारा। अब उन्हें सुरक्षित छत, नियमित भोजन और डॉक्टर की सुविधा मिल रही है। एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि पहले दिन-रात चिंता में गुजरता था। अब यहां सब अपना लगता है।

सरकार की सोच

भजनलाल शर्मा सरकार इसे सिर्फ कल्याणकारी योजना नहीं मान रही। ये बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता का मसला है। जो लोग जीवन भर परिवार और समाज के लिए जिए, उन्हें आखिरी दिनों में तन्हाई और तंगहाली का सामना न करना पड़े यही मकसद है।

आगे क्या प्लान है

सरकार धीरे-धीरे ओर जिलों में इस योजना को फैलाना चाहती है। जहां स्वयंसेवी संस्थाएं तैयार हों, वहां नए आश्रम खोले जाएंगे। फिलहाल 17 जिलों में काम चल रहा है, लेकिन जरूरत के हिसाब से विस्तार जारी रहेगा।

ये क्यों जरूरी था

राजस्थान में बुजुर्गों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कई परिवार आर्थिक तंगी या शहरों में बसने के कारण माता-पिता को अकेला छोड़ देते हैं। ऐसे में सरकार का ये कदम कई परिवारों के लिए राहत बन रहा है। 483 लाभार्थी एक शुरुआत है। आने वाले समय में ये संख्या ओर बढ़ेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसे प्राथमिकता दी है। बजट में भी प्रावधान बढ़ाए गए। अब देखना ये है कि आश्रमों का संचालन कितना अच्छा रहता है और कितने और बुजुर्गों तक ये पहुंच पाता है।

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Ashutosh Behera

मैं आशुतोष बेहरा, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट हूं और ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले से हूं। पिछले कुछ सालों से मैं सरकारी नौकरी, भर्ती नोटिफिकेशन, एडमिट कार्ड और रिजल्ट से जुड़ी जानकारी आप तक पहुंचा रहा हूं। मेरी कोशिश यही रहती है कि हर अपडेट सरल भाषा में और सही समय पर मिले, ताकि नौकरी की तैयारी कर रहे आप जैसे युवाओं को एक ही जगह भरोसेमंद जानकारी मिल सके। मैं हर खबर को आधिकारिक स्रोतों से जांचने के बाद ही यहां प्रकाशित करता हूं।

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