
अपडेट: 20 जुलाई 2026
ITI, डिप्लोमा या डिग्री वाले युवा ध्यान दें। Steel Authority of India Limited ने 1110 अप्रेंटिस पदों की भर्ती निकाली है। ट्रेड अप्रेंटिस के 421 पद हैं। टेक्नीशियन अप्रेंटिस के 414 और ग्रेजुएट अप्रेंटिस के 275 पद।
यह मौका उन युवाओं के लिए है जो असल काम सीखना चाहते हैं। SAIL के प्लांट देश के सबसे बड़े स्टील प्लांट्स में गिने जाते हैं। राउरकेला, भिलाई, दुर्गापुर। यहां आप किताबी ज्ञान को मशीनों के साथ जोड़कर देखते हैं। सारे जानकारी ऑफिशियल नोटिफिकेशन (Adv./APP/158 dated 17.07.2026) से लाया गया है।
पात्रता
ट्रेड अप्रेंटिस के लिए संबंधित ट्रेड में ITI पास होना जरूरी। डिप्लोमा वाले टेक्नीशियन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। BE/BTech वाले ग्रेजुएट अप्रेंटिस पदों पर जा सकते हैं। उम्र 18 से 28 साल के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग को नियम के मुताबिक छूट मिलेगी। कटऑफ तारीख चेक कर लें।
आवेदन ऑनलाइन चल रहा है। आखिरी तारीख 26 अगस्त है। nats.education.gov.in और apprenticeshipindia.org पर जाकर फॉर्म भरें। ट्रेड अप्रेंटिस के लिए एक पोर्टल, डिप्लोमा और ग्रेजुएट के लिए दूसरा। जल्दी भरें, भीड़ बढ़ेगी।
चयन में लिखित परीक्षा नहीं
आवेदन के आधार पर शॉर्टलिस्ट होगा। फिर राउरकेला में वॉक-इन। जगह है Central Recruitment Room, Trainees Hostel, Sector-5, Rourkela-769002, Sundargarh, Odisha। 1 सितंबर से 26 सितंबर तक ट्रेड के हिसाब से बुलावा आएगा। ओरिजिनल दस्तावेज साथ ले जाएं। कॉपी भी रखें।
स्टाइपेंड भी ठीक है। ट्रेड अप्रेंटिस को करीब 9600 रुपये महीना। टेक्नीशियन को 10900 और ग्रेजुएट को 12300 रुपये। ट्रेनिंग के दौरान खर्च चलाने लायक। साथ में असली अनुभव।
मुझे यह बात पसंद आई कि यहां पढ़ाई और प्रैक्टिकल को सीधे जोड़ा गया है। आप सिर्फ नोट्स नहीं देखते। लोहा पिघलता देखते हो, क्रेन चलती देखते हो, सेफ्टी चेक होते देखते हो। किताब और दुनियादारी के बीच की दूरी कम हो जाती है।
SAIL का बैकग्राउंड समझ लें
SAIL महारत्न कंपनी है। सालाना लाखों टन स्टील बनाती है। कई राज्यों में प्लांट। यहां स्किल्ड लोग हमेशा चाहिए। अप्रेंटिसशिप इसी पाइपलाइन को भरती है। कई पुराने अप्रेंटिस बाद में परमानेंट हो गए या अच्छी जगह पर पहुंच गए।
सरकार इन स्कीम को इसलिए चलाती है क्योंकि ITI और डिप्लोमा पास युवाओं को सही अनुभव नहीं मिल पाता। SAIL इसमें मदद करता है। एक साल का ट्रेनिंग बिना अनुभव के घूमने से बेहतर है।
दस्तावेज तैयार रखें
मार्कशीट, सर्टिफिकेट, जाति प्रमाण पत्र अगर लागू हो, आधार, PAN, फोटो। सब साफ स्कैन करें। पोर्टल पर सही नाम से अपलोड करें। गलती हुई तो रिजेक्ट हो सकता है।
उम्र का प्रमाण 10वीं की मार्कशीट या बर्थ सर्टिफिकेट से दें। कटऑफ डेट के हिसाब से उम्र कैलकुलेट करें। छोटी गलती भी समय बर्बाद कर देती है।
वॉक-इन के दिन का प्लान
राउरकेला एक दिन पहले पहुंच जाएं। आसपास ठहरने की जगह देख लें। वेन्यू का रूट पता कर लें। पानी, कुछ खाने का सामान साथ रखें। प्रोसेस लंबा चल सकता है। साफ कपड़े पहनें। फॉर्मल या साधारण साफ शर्ट। जूते पॉलिश किए। पहली नजर में अच्छा असर पड़ता है।
बेसिक सवालों की तैयारी करें। अपने ट्रेड के मुख्य टॉपिक रिवाइज करें। इंडस्ट्री में सेफ्टी कैसे रखते हैं। SAIL क्यों चुना। जवाब छोटे और सच्चे रखें। आत्मविश्वास दिखता है।
अप्रेंटिसशिप में क्या सीखेंगे
विभागों में घुमाया जाएगा। मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इंस्ट्रुमेंटेशन, मेटलर्जी। सेफ्टी ट्रेनिंग सबसे पहले। अनुभवी लोग सिखाएंगे। वो छोटे-छोटे गुर जो किताब में नहीं मिलते। ड्राइंग पढ़ना, मशीन खराब होने पर ठीक करना।
प्रोडक्टिविटी बढ़ती है। अनुशासन आता है। शिफ्ट कैसे चलती है, इमरजेंसी में क्या करना है, सब देखते हो। ये स्किल्स बाद में बहुत काम आती हैं।
कई अप्रेंटिस बताते हैं कि कुछ महीनों में प्रॉब्लम सॉल्विंग बेहतर हो जाती है। थ्योरी प्रैक्टिकल में लगते ही समझ आती है। आत्मविश्वास बढ़ता है क्योंकि आप असल काम में हिस्सा ले रहे होते हो।
चुनौतियां भी हैं?
राउरकेला का मौसम बदलता रहता है। गर्मी पड़ती है। बारिश होती है। प्लांट में शारीरिक मेहनत और दिमागी फोकस चाहिए। सेफ्टी नियम सख्त हैं। एक गलती महंगी पड़ सकती है।
घर से दूर रहना आजमाइश है। खाना, रहना, दिनचर्या। ज्यादातर लोग कुछ हफ्तों में अडजस्ट हो जाते हैं। प्लांट के अंदर नेटवर्क बनाएं। सीनियर्स मदद करते हैं।
स्टाइपेंड बेसिक खर्च निकालता है। फालतू खर्च बचाएं। सीखने पर फोकस रखें।
अप्रेंटिसशिप के बाद रास्ता?
परमानेंट जॉब की गारंटी नहीं, लेकिन अच्छा परफॉर्मेंस काम आता है। SAIL अंदर से ही ले सकता है। सर्टिफिकेट दूसरे PSUs और प्राइवेट स्टील कंपनियों में मान्य होता है।
रिज्यूमे मजबूत बनता है। SAIL का एक साल कई छोटे-छोटे जॉब्स से बेहतर। इंटरव्यू में जब आप असल अनुभव बताते हो तो फर्क दिखता है।
आवेदन मजबूत कैसे बनाएं?
ITI या कॉलेज के प्रोजेक्ट्स हाइलाइट करें। कोई इंटर्नशिप रही हो तो बताएं। टेक्निकल क्लब में एक्टिविटी हो तो अच्छा। पढ़ाई साफ हो। बैकलॉग न हों।
पोर्टल पर प्रोफाइल पूरा भरें। कई लोग यह चूक जाते हैं। हर फील्ड चेक करें।
शॉर्टलिस्ट आने पर नोटिफिकेशन रोज चेक करें। वॉक-इन के लिए दस्तावेज की लिस्ट तैयार रखें।
तकनीकी युवाओं के लिए बड़ा संदेश
भारत मैन्युफैक्चरिंग बढ़ा रहा है। स्टील इसकी रीढ़ है। SAIL प्लांट्स को आधुनिक बना रहा है। नई टेक्नोलॉजी, ऑटोमेशन। अप्रेंटिस पुरानी और नई दोनों चीजें सीखते हैं।
यह भर्ती दिखाती है कि पब्लिक सेक्टर में अभी भी एंट्री पॉइंट हैं। हर कोई UPSC या बैंक नहीं निकाल पाता। हाथों वाले काम के लिए यह अच्छा रास्ता है।
प्राइवेट कंपनियां शुरू में ज्यादा सैलरी दे सकती हैं लेकिन ट्रेनिंग उतनी स्ट्रक्चर्ड नहीं। यहां सेफ्टी नेट, मेडिकल, कैंटीन जैसी सुविधाएं मिलती हैं।
दूसरों के अनुभव
बहुत से लोग अप्रेंटिस बनकर आगे बढ़े। एक छोटे शहर के ITI वाले ने वेल्डिंग सीखी, SAIL में एडवांस्ड टेक्निक पकड़ी, बाद में सुपरवाइजर बना। एक डिप्लोमा वाले ने मेंटेनेंस प्लानिंग सीखी। असली कहानियां हैं। मेहनत की तो नतीजा मिला।
IIT टॉपर होने की जरूरत नहीं। प्रैक्टिकल सोच और सीखने की इच्छा काफी है।
आखिरी चेकलिस्ट
1110 पद ज्यादा लगते हैं लेकिन आवेदन आने पर कॉम्पिटिशन साफ हो जाएगा। जल्दी काम शुरू करें। फॉर्म भरें। दस्तावेज इकट्ठा करें। ट्रिप प्लान करें।
यह मौका हाथ से न जाने दें। SAIL प्लांट 24 घंटे चलते हैं। आपकी तैयारी भी रुकनी नहीं चाहिए। मेहनत करें। नतीजे खुद आएंगे।
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