Ujjwala योजना: देश में महंगाई बढ़ रही है, लेकिन उज्ज्वला योजना से जुड़े करोड़ों गरीब परिवारों को राहत मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में 14.2 किलो एलपीजी सिलेंडर की कीमत करीब 1200 रुपये पहुंच चुकी है। फिर भी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को यही सिलेंडर सिर्फ 613 रुपये में मिल रहा है।
सरकार प्रति सिलेंडर करीब 587 रुपये की सब्सिडी दे रही है। यानी ये परिवार बाजार कीमत का आधा से भी कम भुगतान कर रहे हैं।
सामान्य उपभोक्ताओं पर क्या असर
सामान्य घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये है। पड़ोसी देशों की तुलना करें तो भारत में गैस अभी भी सस्ती है। श्रीलंका में यह 1241 रुपये के आसपास है। नेपाल में 127 रुपये और पाकिस्तान में 146 रुपये प्रति सिलेंडर है।
स्टॉक की स्थिति कैसी है
सरकार ने साफ कहा है कि देश भर में घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। सभी डिपो और वितरण केंद्रों पर पर्याप्त स्टॉक है। लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत से ज्यादा स्टॉक न जमा करें।
खाद्यान्न और उर्वरक पर भी भरोसा
खाद्य मंत्रालय के मुताबिक गेहूं और चावल का भंडार तय बफर से कहीं ज्यादा है। 28 मई तक गेहूं का स्टॉक 513 लाख मीट्रिक टन पहुंच चुका है। खाद्य तेलों की आपूर्ति भी सामान्य है। उर्वरक विभाग ने कहा कि किसानों के लिए यूरिया, डीएपी समेत सभी खादों की पर्याप्त व्यवस्था है।
क्या मतलब है इससे
उज्ज्वला योजना चलाने का मकसद गरीब परिवारों को रसोई का ईंधन सस्ता उपलब्ध कराना है। महंगाई के इस माहौल में सरकार ऊर्जा सुरक्षा और सामाजिक कल्याण दोनों को साथ लेकर चल रही है।
आपको क्या करना चाहिए
अगर आप उज्ज्वला योजना से जुड़े हैं तो नियमित रूप से सिलेंडर बुक करते रहें। घबराने की जरूरत नहीं है। स्टॉक पर्याप्त है और सब्सिडी जारी रहेगी। सरकार का यह कदम उन परिवारों के लिए बड़ी राहत है जो रोजमर्रा के खर्च में भी संघर्ष कर रहे हैं।
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